Monday, June 29, 2026
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उत्तराखंड चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से: परिवहन विभाग ने जारी की ‘Safe Journey’ गाइडलाइन, नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी

उत्तराखंड चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से: परिवहन विभाग ने जारी की ‘Safe Journey’ गाइडलाइन, नियमों का उल्लंघन पड़ेगा भारी

​देहरादून: उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा का आगाज़ 19 अप्रैल से होने जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड सरकार ने इस बार नियमों को और सख्त कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग के बाद अब उत्तराखंड परिवहन विभाग ने यात्रियों और वाहन चालकों के लिए विस्तृत मार्गदर्शिका (SOP) जारी की है।

​सरकार का स्पष्ट संदेश है कि यात्रा केवल सुगम ही नहीं, बल्कि पूरी तरह सुरक्षित होनी चाहिए। इसके लिए विभाग ने “क्या करें और क्या न करें” की एक सूची साझा की है, जिसका पालन करना हर यात्री के लिए अनिवार्य होगा।

​पंजीकरण और ‘ग्रीन कार्ड’ अनिवार्य

​परिवहन विभाग के अनुसार, चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं को पर्यटन विभाग के पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। इसके साथ ही:

​कमर्शियल वाहनों के लिए ‘ग्रीन कार्ड’ और हर फेरे (Trip) के लिए ‘ट्रिप कार्ड’ लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

​वाहन स्वामियों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपने कमर्शियल वाहनों का ग्रीन कार्ड बनवा लें।

​यात्रा के दौरान इन नियमों का करें पालन (DO’s)

​सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने निम्नलिखित निर्देश दिए हैं:

​दस्तावेजों की जांच: वाहन के मूल दस्तावेज, ड्राइवर का लाइसेंस और यात्री सूची हमेशा साथ रखें।

​पर्वतीय अनुभव: ड्राइवर के पास पहाड़ों पर गाड़ी चलाने का वैध लाइसेंस (पर्वतीय पृष्ठांकन) होना चाहिए।

​वाहन फिटनेस: यात्रा से पहले ब्रेक, लाइट, स्टीयरिंग और टायरों की पूरी जांच करें। वाहन में रिफ्लेक्टर टेप, फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) होना जरूरी है।

​पहाड़ी सुरक्षा: मोड़ों पर हॉर्न बजाएं, हमेशा बाईं ओर चलें और चढ़ाई चढ़ने वाले वाहनों को पहले रास्ता दें।

​आपातकालीन सहायता: किसी भी दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में तत्काल 108 (एम्बुलेंस) या 112 (पुलिस) पर संपर्क करें।

​इन गलतियों से बचें, लग सकता है प्रतिबंध (DON’Ts)

​हादसों को रोकने के लिए विभाग ने कुछ सख्त पाबंदियां भी लगाई हैं:

​रात्रि सफर प्रतिबंधित: सुरक्षा कारणों से पहाड़ी मार्गों पर रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक वाहन चलाना वर्जित है।

​ओवरस्पीडिंग और ओवरटेकिंग: मोड़ों पर ओवरटेक न करें और गति सीमा का विशेष ध्यान रखें।

​नशा और शोर: यात्रा के दौरान धूम्रपान या मादक पदार्थों का सेवन पूरी तरह प्रतिबंधित है। प्रेशर हॉर्न और तेज म्यूजिक सिस्टम का प्रयोग न करें।

​अनधिकृत वाहन: निजी (प्राइवेट) वाहनों को किराए पर लेकर यात्रा करना गैर-कानूनी है।

​जल्दबाजी से बचें: 4 धाम की यात्रा कम से कम 10 दिन और 3 धाम की यात्रा 7 दिन में पूरी करने का प्रयास करें, ताकि ड्राइवर को पर्याप्त विश्राम मिल सके।

​पर्यावरण और स्वास्थ्य का रखें ध्यान

​परिवहन विभाग ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपने साथ कूड़ेदान (Dustbin) रखें और कचरा सड़कों पर न फेंकें। साथ ही, पहाड़ी इलाकों में ठंड और कम ऑक्सीजन को देखते हुए अपने साथ पर्याप्त गर्म कपड़े, छाता और जरूरी चिकित्सीय दवाइयां रखने की सलाह दी गई है।

​प्रशासन की चेतावनी: यात्रा चौकियों (Checkposts) पर हर वाहन की एंट्री अनिवार्य है। यदि किसी वाहन का दस्तावेज एक्सपायर पाया जाता है, तो उसे तत्काल यात्रा से रोक दिया जाएगा।

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