राजनीति

महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में पीएम मोदी का करारा जवाब: विपक्ष से बोले- ‘क्रेडिट आप ले लीजिए, मैं ब्लैंक चेक देने को तैयार’

महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में पीएम मोदी का करारा जवाब: विपक्ष से बोले- ‘क्रेडिट आप ले लीजिए, मैं ब्लैंक चेक देने को तैयार’

नई दिल्ली: संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र (16-18 अप्रैल 2026) के पहले दिन लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण बिल) और इससे जुड़े परिसीमन विधेयक पर जोरदार चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष को सीधा संबोधित करते हुए महिला आरक्षण को राष्ट्रीय हित का मुद्दा बताया और परिसीमन को लेकर उठे सवालों पर मोदी की गारंटी दी।

पीएम मोदी ने विपक्ष से क्या-क्या कहा (मुख्य पॉइंट्स):

क्रेडिट का ऑफर: “अगर आपको लगता है कि यह बिल मुझे राजनीतिक फायदा देगा, तो सही है। लेकिन अगर आप क्रेडिट चाहते हैं तो मैं ब्लैंक चेक देने को तैयार हूं। आप पूरा क्रेडिट ले लीजिए, जो फोटो छपवाना चाहें छपवा लीजिए। हम सरकारी पैसे से विज्ञापन निकाल देंगे। हमें क्रेडिट नहीं चाहिए।”

विरोध करने वालों को चेतावनी: “जिन्होंने पहले भी महिलाओं के इस अधिकार का विरोध किया, उनका चुनाव में बुरा हाल हुआ। आज जो विरोध करेंगे, उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। महिलाओं के वोटर उन्हें माफ नहीं करेंगे।”

परिसीमन पर गारंटी: “मैं जिम्मेदारी से कहता हूं – चाहे दक्षिण हो, उत्तर हो, पूर्व हो या पश्चिम, कोई भी राज्य, छोटा या बड़ा – परिसीमन प्रक्रिया किसी के साथ भेदभाव या अन्याय नहीं करेगी। यह मोदी की गारंटी है। किसी राज्य की एक भी सीट कम नहीं होगी, बल्कि सीटें बढ़ाई जाएंगी।”

महिला सशक्तिकरण पर: “नारी शक्ति का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है। देश की आधी आबादी को नीति-निर्माण में हिस्सेदारी देना हमारा कर्तव्य है। यह विकसित भारत के सपने का हिस्सा है। महिलाएं सिर्फ वोटर नहीं, अब फैसला करने वाली भी बनेंगी।”

अपील: पीएम मोदी ने विपक्ष से कहा कि इसे राजनीतिक रंग न दें, राष्ट्रीय हित में साथ आएं। उन्होंने कहा कि 2029 के चुनाव से पहले यह लागू हो जाना चाहिए, ताकि महिलाओं का हक समय पर मिल सके।

सदन में माहौल:

विपक्ष (कांग्रेस, डीएमके, सपा आदि) ने महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए परिसीमन को लेकर सवाल उठाए और दक्षिण भारत के प्रतिनिधित्व कम होने का डर जताया। पीएम मोदी ने इन आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि सरकार की नीयत साफ है और कोई राज्य नुकसान में नहीं आएगा।

चर्चा आज (16 अप्रैल) जारी रही और कल (17 अप्रैल) भी चलेगी। वोटिंग की संभावना 17 अप्रैल शाम को है।

अभी तक का अपडेट (16 अप्रैल 2026 शाम तक):

तीन बिल पेश हो चुके हैं – संविधान (131वां संशोधन) बिल, परिसीमन बिल और केंद्रशासित प्रदेश कानून संशोधन बिल।

लोकसभा सीटें बढ़ाकर लगभग 850 करने का प्रस्ताव।

महिला आरक्षण 33% 2029 चुनाव से लागू करने का लक्ष्य।

पीएम मोदी की इस अपील और गारंटी के बाद देखना होगा कि विपक्ष कितना साथ देता है, क्योंकि संवैधानिक संशोधन के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी है।

नोट: यह अपडेट संसदीय कार्यवाही और विश्वसनीय रिपोर्ट्स पर आधारित है। चर्चा अभी जारी है, नई जानकारी आने पर स्थिति बदल सकती है।

महिलाओं के लिए ऐतिहासिक कदम – क्या विपक्ष और सरकार सहमति बनाएंगी? सदन की आगे की कार्यवाही पर नजर रखें।

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