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होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप के ब्लॉकेड प्लान से अलग हुआ ब्रिटेन, स्टार्मर बोले- हम जंग में नहीं घसीटे जाएंगे

होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप के ब्लॉकेड प्लान से अलग हुआ ब्रिटेन, स्टार्मर बोले- हम जंग में नहीं घसीटे जाएंगे

लंदन, 13 अप्रैल 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के होर्मुज स्ट्रेट को नाकेबंदी करने के विवादास्पद प्लान को ब्रिटेन से बड़ा झटका लगा है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ-साफ कहा है कि उनका देश इस ब्लॉकेड में शामिल नहीं होगा और ब्रिटेन को ईरान से जुड़ी किसी भी व्यापक जंग में नहीं घसीटा जाएगा।

ट्रंप ने हाल ही में घोषणा की थी कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में सभी जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाएगा, खासकर ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले टैंकरों को। उन्होंने दावा किया था कि नाटो सहयोगी भी इस कार्रवाई में साथ देंगे, लेकिन स्टार्मर सरकार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया है।

स्टार्मर का सख्त रुख:

ब्लॉकेड में नहीं शामिल: ब्रिटिश सरकार के सूत्रों और स्टार्मर के बयान के अनुसार, यूके ट्रंप के प्रस्तावित नौसैनिक ब्लॉकेड का समर्थन नहीं करेगा।

जंग से दूरी: स्टार्मर ने कहा, “हम इस युद्ध में नहीं घसीटे जाएंगे। हमारी नीति स्पष्ट है- हम न तो ब्लॉकेड का हिस्सा बनेंगे और न ही ईरान से किसी व्यापक संघर्ष में शामिल होंगे।”

नौवहन की स्वतंत्रता पर जोर: स्टार्मर ने जोर दिया कि ब्रिटेन का फोकस होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोलने और वैश्विक नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने पर है। उन्होंने फ्रांस, स्पेन और अन्य साझेदारों के साथ मिलकर 30 से ज्यादा देशों का गठबंधन बनाने की बात कही, जो डिप्लोमेसी और व्यावहारिक योजना पर काम कर रहा है।

माइन स्वीपिंग में अलग रुख:

हालांकि ब्रिटेन ने साफ किया है कि वह ब्लॉकेड में हिस्सा नहीं लेगा, लेकिन क्षेत्र में पहले से मौजूद ब्रिटिश माइन हंटिंग क्षमताओं (माइन्सवीपिंग ड्रोन्स और जहाजों) का इस्तेमाल स्ट्रेट को खोलने और सुरक्षित नेविगेशन के लिए किया जा सकता है। सरकार ने इसे ट्रंप के ब्लॉकेड प्लान से अलग बताया है।

पृष्ठभूमि:

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल और गैस का करीब 20% ट्रांसपोर्ट करता है। हाल के अमेरिका-ईरान तनाव और युद्ध संबंधी घटनाओं के बाद ईरान ने इस जलडमरूमध्य पर नियंत्रण सख्त कर दिया था, जिससे वैश्विक तेल कीमतें आसमान छू रही हैं। ट्रंप की सख्ती के बावजूद कई यूरोपीय देशों ने सैन्य एस्केलेशन से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है।

ट्रंप और स्टार्मर के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं। इस मुद्दे पर ब्रिटेन की अनिच्छा से दोनों नेताओं के बीच मतभेद और बढ़ गए हैं।

ब्रिटिश सरकार का कहना है कि अंतिम लक्ष्य स्ट्रेट को शीघ्र खोलना और वैश्विक अर्थव्यवस्था को राहत पहुंचाना है, लेकिन इसके लिए डिप्लोमेसी और व्यापक सहमति वाली योजना जरूरी है, न कि एकतरफा ब्लॉकेड।

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