उत्तराखंड

​चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं की संख्या की बाध्यता खत्म, CM धामी का बड़ा फैसला; यात्रा कारोबारियों में खुशी की लहर

उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 के शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। सरकार ने इस बार धामों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या की दैनिक सीमा (Cap) को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।

​चारधाम यात्रा 2026: श्रद्धालुओं की संख्या की बाध्यता खत्म, CM धामी का बड़ा फैसला; यात्रा कारोबारियों में खुशी की लहर

​देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा पर आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में निर्णय लिया गया है कि इस वर्ष बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या पर कोई पाबंदी नहीं रहेगी।

​1. क्यों लिया गया यह निर्णय?

​पिछले कुछ वर्षों में उमड़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने दैनिक स्लॉट (संख्या निर्धारण) लागू किया था। हालांकि, तीर्थ पुरोहितों और स्थानीय व्यापारियों का तर्क था कि इस बाध्यता के कारण कई श्रद्धालु चाहकर भी धामों तक नहीं पहुँच पा रहे थे, जिससे यात्रा और पर्यटन व्यवसाय प्रभावित हो रहा था।

​मांग हुई पूरी: तीर्थपुरोहित समाज और होटल एसोसिएशन लंबे समय से संख्या की सीमा हटाने की मांग कर रहे थे।

​अर्थव्यवस्था को मजबूती: सरकार का मानना है कि इस कदम से राज्य के पर्यटन राजस्व में बढ़ोतरी होगी।

​2. यात्रा कारोबारियों और पुरोहितों में उत्साह

​सरकार के इस फैसले के बाद गंगोत्री, यमुनोत्री सहित सभी धामों के व्यापारियों और पुरोहितों ने खुशी जताई है:

​होटल एसोसिएशन का पक्ष: उत्तरकाशी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेंद्र मटूड़ा और अन्य व्यवसायियों का कहना है कि संख्या की बाध्यता हटने से इस बार रिकॉर्ड तोड़ यात्रियों के आने की उम्मीद है।

​रोजगार को बढ़ावा: यमुनोत्री के पुरोहित समाज, वाहन चालकों और मजदूर यूनियन ने कहा कि इस फैसले का सीधा फायदा उन हजारों परिवारों को मिलेगा जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से यात्रा से जुड़े हैं।

​3. ‘ऑनलाइन पंजीकरण’ को लेकर सुझाव

​व्यापारियों ने सरकार से एक और महत्वपूर्ण मांग की है। उनका कहना है कि यदि ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था को पूरे साल खुला रखा जाए, तो चारधाम यात्रा का संचालन और भी बेहतर ढंग से हो सकेगा। इससे यात्री अपनी सुविधा अनुसार एडवांस प्लानिंग कर सकेंगे।

​4. व्यवस्थाओं को लेकर CM के निर्देश

​संख्या की बाध्यता खत्म करने के साथ ही मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं:

​सुरक्षा और सुविधा: संख्या बढ़ने पर भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सुविधाएं और पेयजल की व्यवस्था चाक-चौबंद होनी चाहिए।

​सड़क और बिजली: यात्रा मार्ग पर सड़कों की स्थिति और बिजली आपूर्ति को दुरुस्त रखने के आदेश दिए गए हैं।

​अलर्ट मोड: आपदा प्रबंधन और पुलिस प्रशासन को यात्रा के दौरान हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

​श्रद्धालुओं के लिए संदेश: भले ही संख्या की बाध्यता खत्म हो गई है, लेकिन यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपना रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) समय पर करा लें ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

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