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​सुरों का एक युग समाप्त: नहीं रहीं दिग्गज गायिका आशा भोसले, 92 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

शोक की इस घड़ी में भारतीय संगीत जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है। सुरों की मल्लिका और अपनी जादुई आवाज से सात दशकों तक करोड़ों दिलों पर राज करने वाली दिग्गज गायिका आशा भोसले का निधन हो गया है।

​सुरों का एक युग समाप्त: नहीं रहीं दिग्गज गायिका आशा भोसले, 92 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

​मुंबई: भारतीय संगीत की ‘सुर कोकिला’ और पद्म विभूषण से सम्मानित आशा भोसले अब हमारे बीच नहीं रहीं। 92 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। पिछले कुछ दिनों से बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर से पूरे देश और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

​1. संगीत की दुनिया का चमकता सितारा बुझा

​8 सितंबर 1933 को जन्मी आशा भोसले ने मात्र 10 साल की उम्र से ही गाना शुरू कर दिया था। अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर के साथ मिलकर उन्होंने भारतीय फिल्म संगीत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। उनके जाने से संगीत के एक स्वर्ण युग का अंत हो गया है।

​2. गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज था नाम

​आशा ताई के नाम संगीत जगत के कई बड़े कीर्तिमान दर्ज हैं:

​सर्वाधिक रिकॉर्डिंग: उन्होंने 20 से अधिक भाषाओं में 11,000 से ज्यादा गाने गाए हैं, जिसके लिए उनका नाम ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में शामिल किया गया था।

​विविधता की रानी: क्लासिकल संगीत से लेकर पॉप, गजल और कैबरे गानों तक, आशा जी ने हर शैली में अपनी आवाज का लोहा मनवाया।

​3. सम्मान और उपलब्धियां

​भारतीय सिनेमा और संगीत में उनके योगदान के लिए उन्हें कई बड़े सम्मानों से नवाजा गया:

​पद्म विभूषण (2008): भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान।

​दादा साहब फाल्के पुरस्कार (2000): भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान।

​राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: उन्हें दो बार सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका (Playback Singer) का नेशनल अवार्ड मिला।

​4. फिल्म जगत में शोक की लहर

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और बॉलीवुड की तमाम बड़ी हस्तियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। संगीत प्रेमियों का कहना है कि उनकी आवाज सदा अमर रहेगी और ‘इन आंखों की मस्ती के’ जैसे कालजयी गीत हमेशा गूंजते रहेंगे।

​अंतिम दर्शन: मिली जानकारी के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर उनके मुंबई स्थित आवास ‘प्रभु कुंज’ पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा, जिसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

​श्रद्धांजलि: आशा जी की आवाज केवल संगीत नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की यादों का हिस्सा थी। संगीत की दुनिया में पैदा हुआ यह शून्य कभी भरा नहीं जा सकेगा।

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