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वृंदावन हादसा: 13 मौतें, 3 अब भी लापता; 250 लोगों की टीम 20 किमी तक चला रही रेस्क्यू ऑपरेशन

वृंदावन हादसा: 13 मौतें, 3 अब भी लापता; 250 लोगों की टीम 20 किमी तक चला रही रेस्क्यू ऑपरेशन

मथुरा, 12 अप्रैल 2026: भगवान कृष्ण की नगरी वृंदावन में यमुना नदी में शुक्रवार दोपहर हुए दर्दनाक नाव हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। तीन लोग अभी भी लापता हैं, जबकि रेस्क्यू ऑपरेशन तीसरे दिन भी जोरों पर जारी है। सेना, NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन की करीब 250 लोगों की टीम यमुना नदी के 20 किलोमीटर क्षेत्र में सर्च अभियान चला रही है।

हादसा कैसे हुआ?

शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे केसी घाट (केशी घाट) के पास बांके बिहारी मंदिर से मात्र 2 किमी दूर एक नाव पलट गई। नाव में क्षमता से ज्यादा 38 श्रद्धालु सवार थे, जो मुख्य रूप से पंजाब (लुधियाना और जगराओं) से चार दिन की तीर्थ यात्रा पर आए थे। नाव पंटून पुल (पुल के अवशेष या फ्लोटिंग ड्रम) से टकराने के बाद संतुलन बिगड़ गया और पलट गई।

इस हादसे में कई लोग यमुना की तेज धारा में बह गए। अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जिनमें से कुछ घायल हैं और उनका इलाज चल रहा है।

अपडेट्स

रविवार सुबह दो और शव बरामद होने से मौत का आंकड़ा 13 पहुंच गया। मृतकों में लुधियाना के ऋषभ शर्मा और डिंकी बंसल सहित कई युवा और परिवार के सदस्य शामिल हैं। एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत की खबर भी आई है।

लापता तीन लोगों की तलाश में सर्च ऑपरेशन का दायरा 14 किमी से बढ़ाकर 20 किमी कर दिया गया है। शव सूजन के कारण पानी की सतह पर आ रहे हैं और रस्सियों की मदद से निकाले जा रहे हैं।

नाविक पप्पू निषाद और पंटून पुल के ठेकेदार नारायण को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ओवरलोडिंग, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और लापरवाही के आरोपों की जांच कर रही है।

पीड़ित परिवारों पर छाया मातम

मृतकों में ज्यादातर पंजाब के श्रद्धालु हैं। कई परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। एक बुजुर्ग पिता ने यमुना से बेटे का शव निकलते देख रो-रोकर बुरा हाल कर लिया। एक युवक की शादी मात्र 4 महीने बाद तय थी। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर शोक व्यक्त किया और मदद का भरोसा दिया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर संज्ञान लिया है और रेस्क्यू व राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता की घोषणा की है।

रेस्क्यू टीम दिन-रात लगी हुई है। अधिकारी उम्मीद जता रहे हैं कि लापता लोगों के शव जल्द बरामद हो जाएंगे। यमुना में पानी का स्तर और धारा अभी भी चुनौती बनी हुई है।

यह हादसा तीर्थयात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर रहा है। प्रशासन ने वृंदावन के सभी घाटों पर नाव संचालन की समीक्षा शुरू कर दी है।

ऐसे हादसों से बचने के लिए नावों में क्षमता से ज्यादा सवारियां न लेना और लाइफ जैकेट अनिवार्य करना जरूरी है। आगे की अपडेट के लिए नजर बनाए रखें।

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