सख्ती के बीच चयन: अमेरिका ने क्यों छीने कुछ ईरानियों के ग्रीन कार्ड? डिपोर्टेशन की प्रक्रिया तेज
वाशिंगटन: अमेरिका की ट्रंप प्रशासन ने ईरान सरकार या पूर्व अधिकारियों से जुड़े कुछ ईरानी मूल के लोगों के ग्रीन कार्ड (लॉफुल परमानेंट रेसिडेंट स्टेटस) रद्द कर दिए हैं और ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) ने उन्हें हिरासत में लेकर डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर की गई है, न कि सभी ईरानी मूल के लोगों पर।8f51fb
मुख्य मामले क्या हैं?
कासेम सुलैमानी की भतीजी और उनकी बेटी: हमीदेह सुलैमानी अफशर (Hamideh Soleimani Afshar) और उनकी बेटी सरिनासादात होसैनी को लॉस एंजिल्स में गिरफ्तार किया गया। स्टेट सेक्रेटरी मार्को रुबियो ने उनके ग्रीन कार्ड रद्द किए। दोनों अब ICE की हिरासत में हैं और डिपोर्टेशन की प्रक्रिया चल रही है।
आरोप: अमेरिका में रहते हुए वे ईरानी रेजीम की खुलेआम समर्थन करती थीं, अमेरिका को “ग्रेट सैटन” कहती थीं और अमेरिकियों पर हमलों का जश्न मनाती थीं। वे लक्जरी जीवन जी रही थीं।
अफशर के पति को अमेरिका में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
अन्य मामले:
फातेमा अर्देशीर-लारीजानी (पूर्व ईरानी सुरक्षा सलाहकार की बेटी) और उनके पति का वीजा रद्द किया गया। वे अब अमेरिका में नहीं हैं।
कुछ अन्य ईरानी नागरिकों (कुल कम से कम 4) जिनके ईरानी सरकार से कनेक्शन थे, उनके स्टेटस भी रद्द किए गए।
ये कार्रवाइयां अप्रैल 2026 की शुरुआत में हुईं, जब स्टेट सेक्रेटरी मार्को रुबियो ने फैसला लिया कि ये लोग अब अमेरिका में रहने के योग्य नहीं हैं।
क्यों की जा रही है यह कार्रवाई?
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि अमेरिका “विदेशी नागरिकों को आश्रय नहीं बनेगा जो एंटी-अमेरिकन टेररिस्ट रेजीम्स का समर्थन करते हों”। यह ईरान के साथ बढ़ते तनाव, IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर) को टेररिस्ट संगठन मानने और राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के बीच हुई है।
महत्वपूर्ण बात:
यह कार्रवाई सभी ईरानी मूल के लोगों या सामान्य ईरानी-अमेरिकनों पर नहीं है। यह विशेष रूप से उन व्यक्तियों पर केंद्रित है जिनके ईरानी सरकार/IRGC से प्रत्यक्ष कनेक्शन हैं और जो रेजीम का सार्वजनिक समर्थन करते पाए गए। लाखों ईरानी-अमेरिकी नागरिक और लीगल रेसिडेंट बिना किसी समस्या के अमेरिका में रह रहे हैं।
अभी की स्थिति (11 अप्रैल 2026 तक)
गिरफ्तार लोग ICE हिरासत में हैं और इमिग्रेशन जज के सामने सुनवाई होगी, जहां वे अपना केस रख सकते हैं।
प्रशासन ने कहा है कि ऐसी और कार्रवाइयां हो सकती हैं अगर और लोग रेजीम से जुड़े पाए जाते हैं।
ईरानी मिशन (UN) ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
यह ट्रंप प्रशासन की व्यापक इमिग्रेशन और सुरक्षा नीति का हिस्सा है, जिसमें हाई-रिस्क देशों से आने वालों की स्क्रूटनी बढ़ाई गई है। स्थिति पर नजर रखें — कानूनी प्रक्रिया अभी चल रही है।
नोट: इमिग्रेशन मामलों में अंतिम फैसला कोर्ट पर निर्भर करता है। सामान्य ईरानी मूल के लोग बिना किसी डर के अपनी रोजमर्रा की जिंदगी जी सकते हैं, जब तक कोई सुरक्षा संबंधी मुद्दा न हो।
