होर्मुज की खाड़ी में ‘अदृश्य मौत’: ईरान खुद भूल गया अपनी बिछाई समुद्री सुरंगों का ठिकाना
इस्लामाबाद में चल रही अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से आई इस खबर ने वैश्विक तेल बाजार और सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने इस रणनीतिक जलमार्ग में जो समुद्री बारूदी सुरंगें (Naval Mines) बिछाई थीं, अब वह खुद उनका लोकेशन भूल गया है।
होर्मुज की खाड़ी में ‘अदृश्य मौत’: ईरान खुद भूल गया अपनी बिछाई समुद्री सुरंगों का ठिकाना
1. अपनी ही बिछाई सुरंगों के जाल में फंसा ईरान
अमेरिकी खुफिया अधिकारियों और न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने पिछले महीने युद्ध के दौरान जल्दबाजी में छोटी नावों के जरिए होर्मुज की खाड़ी में अंधाधुंध बारूदी सुरंगें बिछाई थीं।
मैपिंग की कमी: ईरान ने इन सुरंगों को बिछाते समय इनका सटीक स्थान (Coordinates) दर्ज नहीं किया।
धारा के साथ बहाव: कई सुरंगें समुद्री लहरों और धाराओं के साथ अपनी मूल जगह से बहकर दूर निकल गई हैं।
अदृश्य खतरा: अब न तो अमेरिकी सैटेलाइटें इन्हें ढूंढ पा रही हैं और न ही ईरान के पास इन्हें खोजने और हटाने की कोई प्रभावी तकनीक है।
2. ‘टेक्निकल लिमिट’ का असली मतलब
इस्लामाबाद में चल रही शांति वार्ता के दौरान ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि होर्मुज को “तकनीकी सीमाओं” (Technical Limitations) के साथ खोला जाएगा।
अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ‘तकनीकी सीमा’ शब्द दरअसल ईरान की उस असमर्थता का स्वीकार है कि वह अब इन सुरंगों को हटाने में सक्षम नहीं है।
IRGC की चेतावनी: ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग के कुछ चार्ट जारी किए हैं, लेकिन साथ ही चेतावनी दी है कि इन रास्तों के बाहर जहाज किसी भी समय धमाके का शिकार हो सकते हैं।
3. डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी शर्त: “होर्मुज खोलो या युद्ध झेलो”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच किसी भी तरह का सीजफायर तभी मुमकिन है जब होर्मुज की खाड़ी पूरी तरह सुरक्षित और खुली हो।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि होर्मुज का खुलना “तत्काल और पूर्ण” होना चाहिए।
वैश्विक संकट: होर्मुज बंद होने या वहां जहाजों के डूबने के खतरे के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे अमेरिका और यूरोप की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव है।
4. अमेरिकी नौसेना का नुकसान और ईरान की रणनीति
युद्ध के दौरान अमेरिका ने ईरान की मुख्य नौसेना को काफी नुकसान पहुंचाया था, लेकिन ईरान ने अपनी ‘छोटी नावों’ (Small Boats) की रणनीति से बारूदी सुरंगें बिछाकर इस कमी को पूरा किया।
इन छोटी नावों को ट्रैक करना बहुत मुश्किल है, जिसके कारण अमेरिका यह भी नहीं बता पा रहा है कि समुद्र में कुल कितनी सुरंगें बिछाई गई हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्री सुरंग हटाना (Mine Sweeping) उन्हें बिछाने से कहीं ज्यादा जटिल और समय लेने वाला काम है।
निष्कर्ष: शांति वार्ता पर मंडराता खतरा
जहाँ एक तरफ इस्लामाबाद में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी प्रतिनिधिमंडल शांति की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं होर्मुज में बिछा यह ‘अदृश्य जाल’ वार्ता की सफलता में सबसे बड़ी बाधा बन सकता है। यदि कोई तेल टैंकर इन सुरंगों की चपेट में आता है, तो चल रही शांति प्रक्रिया फिर से युद्ध की भीषण आग में बदल सकती है।
