उत्तराखंड

चारधाम यात्रा पर मौसम की मार: बदरीनाथ हाईवे पर दरकी पहाड़ी, बर्फबारी के बीच युद्धस्तर पर जारी है तैयारियां

चारधाम यात्रा पर मौसम की मार: बदरीनाथ हाईवे पर दरकी पहाड़ी, बर्फबारी के बीच युद्धस्तर पर जारी है तैयारियां

​उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा के आगाज से पहले प्रकृति की चुनौतियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले भारी बारिश और बर्फबारी ने काम रोका, तो अब चटक धूप निकलने के बाद पहाड़ियों के दरकने का सिलसिला शुरू हो गया है। शुक्रवार को बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पिनौला के पास भूस्खलन के कारण घंटों यातायात बाधित रहा।

​पिनौला के पास विशाल भूस्खलन, टला बड़ा हादसा

​शुक्रवार को चमोली जनपद के गोविंदघाट से कुछ पहले पिनौला के समीप पहाड़ का एक विशाल हिस्सा अचानक टूटकर हाईवे पर आ गिरा।

​बाल-बाल बचे यात्री: गनीमत रही कि जिस वक्त मलबा गिरा, वहां से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

​2 घंटे बाधित रहा मार्ग: मलबे के कारण हाईवे पूरी तरह ठप हो गया। प्रशासन ने तत्काल भारी मशीनें लगाकर करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद मार्ग को सुचारू कराया।

​अधिकारियों का बयान: ज्योतिर्मठ कोतवाल देवेंद्र सिंह रावत ने पुष्टि की है कि हाईवे अब आवाजाही के लिए खुला है। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने भी खुद हाईवे का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

​बर्फबारी ने बढ़ाई केदारनाथ में मुश्किलें

​केवल भूस्खलन ही नहीं, ऊपरी इलाकों में हुई ताजा बर्फबारी ने भी तैयारियों की गति धीमी कर दी है:

​केदारनाथ धाम: पैदल मार्ग पर फिर से भारी बर्फ जम गई है, जिसे हटाने के लिए मजदूर दिन-रात जुटे हुए हैं। मंदिर परिसर के आसपास भी अभी काफी बर्फ मौजूद है।

​गंगोत्री-यमुनोत्री: इन दोनों धामों में भी बर्फबारी के कारण यात्रा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में परेशानी आ रही है।

​चारधाम यात्रा 2026: कपाट खुलने की महत्वपूर्ण तिथियां

​प्रशासन के लिए समय कम है क्योंकि यात्रा शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष हैं:

​19 अप्रैल: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा का औपचारिक शुभारंभ होगा।

​22 अप्रैल: बाबा केदारनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे।

​23 अप्रैल: अंत में भगवान बदरीविशाल (बदरीनाथ धाम) के कपाट खुलेंगे।

​प्रशासन की अपील: जिलाधिकारी ने कहा कि पहाड़ों पर अचानक दरकने वाली चट्टानों की चुनौती बनी रहती है, इसलिए तीर्थयात्री यात्रा के दौरान सतर्क रहें और मौसम विभाग व प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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