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पाकिस्तान में होगी अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता, कौन-कौन हो सकता है शामिल? देखें पूरी लिस्ट

पाकिस्तान में होगी अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता, कौन-कौन हो सकता है शामिल? देखें पूरी लिस्ट

इस्लामाबाद, 9 अप्रैल 2026: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनावपूर्ण स्थिति के बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता में महत्वपूर्ण वार्ता शुरू होने जा रही है। दोनों देशों ने दो हफ्ते की युद्धविराम (ceasefire) पर सहमति जताई है और अब स्थायी समझौते के लिए सीधे या मध्यस्थता वाले谈判 (talks) पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दोनों देशों की टीमों को 10 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) को इस्लामाबाद आमंत्रित किया है।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने घोषणा की कि वार्ता उसके 10-पॉइंट प्रस्ताव पर आधारित होगी, जिसमें हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और सभी प्रतिबंध हटाने की मांग शामिल है। अमेरिका ने इसे वार्ता की आधारभूत रूपरेखा माना है, हालांकि दोनों पक्षों के बीच अभी भी कई मुद्दों (परमाणु कार्यक्रम, मिसाइलें, क्षेत्रीय समर्थन) पर गहरे मतभेद हैं।

वार्ता में कौन-कौन शामिल हो सकता है? (संभावित लिस्ट)

अमेरिकी पक्ष (US Delegation):

जे.डी. वेंस (JD Vance) — अमेरिकी उपराष्ट्रपति, वार्ता टीम का नेतृत्व करेंगे।

स्टिव विटकोफ (Steve Witkoff) — विशेष दूत (Special Envoy), पहले के दौर में भी सक्रिय रहे।

अन्य उच्च स्तरीय अधिकारी और वार्ताकार (negotiators), जिनमें संभवतः जेरेड कुशनर (Jared Kushner) का भी उल्लेख कुछ रिपोर्ट्स में आया है।

ईरानी पक्ष (Iranian Delegation):

अब्बास अरागची (Abbas Araghchi) — विदेश मंत्री, ईरानी टीम के प्रमुख वार्ताकार।

मुहम्मद बाकर कालिबाफ (Mohammad Bagher Ghalibaf) — संसद के स्पीकर, टीम का हिस्सा हो सकते हैं।

अन्य उच्च स्तरीय राजनयिक और सुरक्षा अधिकारी।

पाकिस्तानी मेजबान और मध्यस्थ (Pakistan’s Role):

शहबाज शरीफ — प्रधानमंत्री, वार्ता की मेजबानी और सुविधा प्रदान करेंगे।

फील्ड मार्शल आसिम मुनीर (Field Marshal Asim Munir) — आर्मी चीफ, पिछले दिनों में अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस और अन्य से लगातार संपर्क में रहे; पाकिस्तान की थर्ड पार्टी मध्यस्थता में प्रमुख भूमिका।

इशाक दार (Ishaq Dar) — विदेश मंत्री (और डिप्टी पीएम), अप्रत्यक्ष वार्ताओं में सक्रिय।

अन्य सरकारी अधिकारी और सुरक्षा टीम।

अन्य संभावित समर्थक/मध्यस्थ:

तुर्की (Turkey) और मिस्र (Egypt) — पहले के अप्रत्यक्ष दौर में सहयोग दिया; कुछ रिपोर्ट्स में इनकी निरंतर भूमिका का जिक्र।

ओमान (Oman) — पहले के परमाणु वार्ताओं में प्रमुख मध्यस्थ रहा, लेकिन इस दौर में पाकिस्तान मुख्य भूमिका में है।

वार्ता का एजेंडा क्या होगा?

दो हफ्ते की अस्थायी युद्धविराम को स्थायी समझौते में बदलना।

ईरान का परमाणु कार्यक्रम, यूरेनियम स्टॉक, मिसाइल कार्यक्रम।

क्षेत्रीय स्थिरता, प्रॉक्सी ग्रुप्स (जैसे लेबनान, यमन) पर नियंत्रण।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और प्रतिबंधों में छूट।

दोनों पक्षों के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं, लेकिन पाकिस्तान की मध्यस्थता से सकारात्मक माहौल बन रहा है।

यह वार्ता क्षेत्रीय शांति के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि ईरान-अमेरिका (और इजराइल से जुड़े) टकराव ने पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक अर्थव्यवस्था (खासकर तेल मार्ग) को प्रभावित किया है। पाकिस्तान अपनी भौगोलिक स्थिति और दोनों देशों से अच्छे संबंधों का फायदा उठाते हुए अपनी कूटनीतिक छवि मजबूत करने की कोशिश में है।

वार्ता की सफलता पर नजरें टिकी हुई हैं। आगे की अपडेट के लिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर नजर रखें।

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