बिहार में युग का अंत: नीतीश कुमार अब केंद्र की राजनीति में, कल लेंगे राज्यसभा सदस्य की शपथ
बिहार में युग का अंत: नीतीश कुमार अब केंद्र की राजनीति में, कल लेंगे राज्यसभा सदस्य की शपथ
बिहार की राजनीति के लिए यह एक ऐतिहासिक मोड़ है। करीब दो दशकों तक बिहार की सत्ता की कमान संभालने के बाद नीतीश कुमार अब केंद्र की राजनीति में अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। गुरुवार को दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि अब उनका कार्यक्षेत्र देश की राजधानी होगी।
कल लेंगे शपथ, दिल्ली को बनाया नया ठिकाना
नीतीश कुमार गुरुवार को अपने दिल्ली आवास पहुंच चुके हैं। उनके साथ उनके करीबी और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह व संजय झा भी मौजूद थे। जानकारी के अनुसार:
शपथ ग्रहण: शुक्रवार, 10 अप्रैल को नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ लेंगे।
बड़ा कदम: हाल ही में उन्होंने बिहार विधान परिषद (MLC) की सदस्यता से इस्तीफा देकर यह साफ कर दिया था कि वे अब मुख्यमंत्री का पद छोड़ने के लिए तैयार हैं।
दिल्ली आगमन पर नीतीश कुमार का पहला बयान
दिल्ली स्थित आवास पर मीडिया से बात करते हुए उन्होंने बेहद संक्षिप्त लेकिन प्रभावी बात कही। उन्होंने कहा:
”20 साल तक वहां (बिहार) में रहे हैं। अब यहां (दिल्ली) में भी काम करेंगे। इसलिए वापस आ गए हैं यहां।”
बिहार में ‘नीतीश मॉडल’ और विरासत की बात
नीतीश कुमार के जाने के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसकी चर्चाएं तेज हैं। इस बीच बिहार सरकार के मंत्री विजय चौधरी ने दो प्रमुख बातें स्पष्ट की हैं:
NDA की सरकार: बिहार में एनडीए गठबंधन की सरकार बनी रहेगी।
नीतीश मॉडल: राज्य की अगली सरकार नीतीश कुमार के बताए रास्तों और उनके विकास मॉडल पर ही चलेगी। विजय चौधरी ने कहा कि बिहार ने जो ऊंचाइयां छुई हैं, दूसरे राज्य भी उसका अनुसरण करते हैं।
निशांत कुमार की एंट्री: विजय चौधरी ने यह भी पुष्टि की है कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार आधिकारिक तौर पर पार्टी में शामिल हो चुके हैं, जिसे राजनीति में उत्तराधिकार से जोड़कर देखा जा रहा है।
एक नजर सफर पर
नीतीश कुमार साल 2005 से लगातार (बीच के 9 महीनों को छोड़कर) बिहार के मुख्यमंत्री रहे। उन्हें बिहार की सड़कों, कानून व्यवस्था और शिक्षा में सुधार का श्रेय दिया जाता है। अब लंबे समय बाद उनका केंद्र की राजनीति में लौटना भारतीय राजनीति के समीकरणों को बदल सकता है।
