अन्नामलाई को चुनाव से दूर रखने के पीछे क्या है BJP की रणनीति? ‘सिंघम’ का नाम लिस्ट में न होने से सभी हैरान
चेन्नई, 3 अप्रैल 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बीजेपी ने आज अपनी 27 उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। लिस्ट में पूर्व राज्यपाल तमिलिसाई सुंदरराजन (मायलापुर से), केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन (अविनाशी से), वनति श्रीनिवासन (कोयंबटूर नॉर्थ से) और नैनार नागेंद्रन जैसे बड़े नाम शामिल हैं। लेकिन सबसे चर्चित नाम के. अन्नामलाई (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और ‘सिंघम’ के नाम से मशहूर) लिस्ट में नहीं है।
क्या हुआ?
बीजेपी को AIADMK के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन में 27 सीटें मिली हैं।
अन्नामलाई ने पहले ही पार्टी हाईकमान को लिखकर बताया था कि वे चुनाव नहीं लड़ेंगे।
कारण: AIADMK द्वारा सीट बंटवारे में बीजेपी को दिए गए क्षेत्रों पर असंतोष। अन्नामलाई कोयंबटूर क्षेत्र की मजबूत सीटें (जैसे सिंगनल्लूर या कवुंदम्पालयम) चाहते थे, लेकिन गठबंधन में कोयंबटूर नॉर्थ सीट ही बीजेपी को मिली, जो वनति श्रीनिवासन को दी गई।
उन्होंने सीट शेयरिंग प्रक्रिया पर भी नाराजगी जताई थी, जिसमें AIADMK ने अन्य सहयोगियों को पहले सीटें तय कर दीं।
अन्नामलाई का स्टैंड
अन्नामलाई ने साफ कहा है कि वे अब पार्टी कार्यकर्ता के रूप में पूरे राज्य में NDA उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे। उन्होंने खुद को चुनावी मैदान से दूर रखने का फैसला लिया है, लेकिन पार्टी और गठबंधन के लिए काम जारी रखेंगे।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कई लोग इसे साइडलाइन करने की कोशिश बता रहे हैं, क्योंकि अन्नामलाई तमिलनाडु में बीजेपी के सबसे आक्रामक और लोकप्रिय चेहरों में से एक रहे हैं। उन्होंने 2024 लोकसभा चुनाव में DMK और AIADMK दोनों पर जमकर हमला बोला था।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह रणनीतिक फैसला है। अन्नामलाई पूरे राज्य में प्रचार पर फोकस करेंगे, न कि एक सीट पर सीमित रहेंगे।
NDA में सीट बंटवारे को लेकर पिछले कई दिनों से तनाव था, जिसके चलते कैंडिडेट लिस्ट में देरी हुई।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल 2026 को एक चरण में होंगे और मतगणना 4 मई को होगी।
यह घटनाक्रम तमिलनाडु BJP में अंदरूनी गतिशीलता और गठबंधन की जटिलताओं को उजागर करता है। अन्नामलाई जैसे मजबूत नेता का चुनाव न लड़ना चर्चा का विषय बना हुआ है — क्या यह अस्थायी है या लंबी रणनीति का हिस्सा?
