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बिहार में दुखद हादसा: नालंदा के शीतला माता मंदिर में भगदड़ से 8 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल

बिहार में दुखद हादसा: नालंदा के शीतला माता मंदिर में भगदड़ से 8 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल

बिहार के नालंदा जिले में स्थित प्रसिद्ध शीतला माता मंदिर (मघड़ा, बिहारशरीफ) में मंगलवार सुबह चैत्र मास के आखिरी मंगलवार (शीतला अष्टमी) की पूजा के दौरान भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अचानक मची भगदड़ में 8 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि 10-12 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हो गए। मृतकों में ज्यादातर महिलाएं बताई जा रही हैं।

घटना दीपनगर थाना क्षेत्र के मघड़ा गांव में हुई। चश्मदीदों के अनुसार, मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण अव्यवस्था फैल गई। लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासन की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घायलों को बिहारशरीफ के मॉडल अस्पताल और अन्य नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।

PM मोदी और CM नीतीश कुमार ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और इसे “दुखद घटना” बताया। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिजनों को PMNRF से ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की अनुग्रह राशि देने का ऐलान किया। PM ने कहा कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घटना को “अत्यंत दुखद और पीड़ादायक” बताया। उन्होंने प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹6 लाख मुआवजा देने का ऐलान किया — जिसमें ₹4 लाख आपदा प्रबंधन विभाग से और ₹2 लाख CM राहत कोष से दिए जाएंगे। CM ने घायलों के त्वरित इलाज और परिवारों को हर संभव मदद का निर्देश दिया है।

राज्य सरकार ने मंदिर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है और भीड़ प्रबंधन में लापरवाही की जांच के आदेश दे दिए हैं।

कारण क्या था?

मंदिर में चैत्र के आखिरी मंगलवार को हर साल बड़ी संख्या में महिलाएं शीतला माता के दर्शन के लिए आती हैं।

इस बार भीड़ नियंत्रण की व्यवस्था नाकाफी रही। बैरिकेडिंग पर दबाव बढ़ने से पैनिक फैला और भगदड़ मच गई।

स्थानीय लोगों ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा इंतजामों की कमी का आरोप लगाया है।

जिला प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं। मृतकों की शिनाख्त चल रही है। यह घटना बिहार में धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन की चुनौती को एक बार फिर उजागर करती है।

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