देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश मामले में आसिया अंद्राबी को मिली उम्रकैद, दिल्ली की NIA कोर्ट ने सुनाई सजा
देश के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश मामले में आसिया अंद्राबी को मिली उम्रकैद, दिल्ली की NIA कोर्ट ने सुनाई सजा
नई दिल्ली: कश्मीरी अलगाववादी नेता और प्रतिबंधित संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत (DeM) की प्रमुख आसिया अंद्राबी को दिल्ली की विशेष NIA अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उन्हें और उनकी दो साथियों — सोफी फहमीदा तथा नाहिदा नसरीन — को भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने, आतंकवादी संगठन चलाने और देश की संप्रभुता व अखंडता को कमजोर करने के आरोप में दोषी ठहराया था।
सजा आज (24 मार्च 2026) को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदरजीत सिंह की अदालत ने सुनाई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने सजा के दौरान कड़ी दलील दी थी कि ऐसे गंभीर मामलों में नरमी बरतना कानून के प्रति लोगों का भरोसा कमजोर करेगा, इसलिए उम्रकैद जरूरी है।
क्या थे आरोप?
NIA के अनुसार, आसिया अंद्राबी और उनकी साथियों ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों (जिसमें हाफिज सईद जैसे नाम भी जुड़े बताए गए) से मिलीभगत कर भारत के खिलाफ साजिश रची।
नफरत भरे भाषण, अलगाववाद को बढ़ावा देना, समुदायों के बीच दुश्मनी फैलाना और जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने की कोशिश।
मुख्य धाराएं: UAPA की धारा 18 (साजिश), धारा 38 एवं 39 (आतंकवादी संगठन से संबंध), साथ ही IPC की धारा 120B (आपराधिक साजिश), 121A (भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश), 153A, 153B (दुश्मनी बढ़ावा) और 505 (सार्वजनिक शरारत)।
अदालत ने उन्हें वास्तविक युद्ध छेड़ने (Section 121 IPC) और आतंक फंडिंग के आरोपों से बरी कर दिया था, लेकिन साजिश और संगठन चलाने के आरोप सिद्ध हुए।
कौन हैं आसिया अंद्राबी?
दुख्तरान-ए-मिल्लत की संस्थापक और प्रमुख, जो कश्मीर में महिलाओं के बीच अलगाववादी गतिविधियां चलाती रहीं।
2018 में गिरफ्तार, तब से जेल में (करीब 8 वर्ष पूरे हो चुके हैं)।
पाकिस्तान के लश्कर-ए-तैयबा के सरगना हाफिज सईद की मुंहबोली बहन बताई जाती हैं।
कई बार PSA (पब्लिक सेफ्टी एक्ट) के तहत भी गिरफ्तार हो चुकी हैं।
NIA का पक्ष
एजेंसी ने कहा कि आसिया अंद्राबी ने न सिर्फ नफरत फैलाई बल्कि विदेशी आतंकी नेटवर्क के साथ मिलकर भारत विरोधी गतिविधियां चलाईं। ऐसे मामलों में कड़ी सजा देकर सख्त संदेश देना जरूरी है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आज फैसला सुनाया। तीनों दोषियों को उम्रकैद की सजा मिली है।
यह फैसला जम्मू-कश्मीर में अलगाववाद और आतंकवाद विरोधी अभियान में NIA की बड़ी सफलता माना जा रहा है। आसिया अंद्राबी के परिवार और समर्थक सजा के खिलाफ उच्च अदालत में अपील करने की तैयारी में हैं।
नोट: मामला अभी कानूनी प्रक्रिया में है, उच्च अदालत में अपील संभव है।
