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दिल्ली सरकार का 1.03 लाख करोड़ का ‘ग्रीन बजट’: सड़कों और घरों-शहरी विकास पर खुला खजाना, धूल-मुक्त सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा पुश

दिल्ली सरकार का 1.03 लाख करोड़ का ‘ग्रीन बजट’: सड़कों और घरों-शहरी विकास पर खुला खजाना, धूल-मुक्त सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा पुश

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। कुल 1,03,700 करोड़ रुपये का यह बजट पिछले साल से 3,700 करोड़ रुपये ज्यादा है। सरकार ने इसे ‘ग्रीन बजट’ का नाम दिया है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण के लिए 21% आवंटन रखा गया है।

सड़कें, शहरी विकास और आवास पर सबसे बड़ा फोकस है – सरकार का साफ संदेश है कि दिल्ली में सुरक्षित, धूल-मुक्त सड़कें, बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा।

सड़कों और परिवहन पर बड़ा आवंटन

परिवहन और सड़कों के लिए कुल 12,613 करोड़ रुपये।

धूल-मुक्त सड़कें बनाने के लिए 1,352 करोड़ रुपये → पूरे शहर में 750 किलोमीटर सड़कों की एंड-टू-एंड रिकार्पेटिंग (नई परत बिछाना)।

1,392 करोड़ रुपये से 7,000 किमी सड़कों का ब्रिक-एंड-मोर्टार पेवमेंट।

MCD को सड़क सुधार के लिए अलग से 1,000 करोड़ रुपये।

PWD को कुल 5,921 करोड़ रुपये।

कई बड़े प्रोजेक्ट: मोदी मिल फ्लाईओवर का विस्तार (371 करोड़), नजफगढ़ ड्रेन के दोनों तरफ दो लेन रोड (454 करोड़), यमुना विहार-भजनपुरा फ्लाईओवर, सकेत-कलकाजी अंडरपास आदि।

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, “हमारा लक्ष्य है – सुरक्षित सड़कें, क्लाइमेट कॉरिडोर और फ्लॉलेस कनेक्टिविटी।”

घरों और शहरी विकास पर खुला खजाना

आवास और शहरी विकास के लिए 11,572 करोड़ रुपये।

शहरी विकास विभाग को 7,887 करोड़ रुपये।

अनधिकृत कॉलोनियों के विकास के लिए 800 करोड़ रुपये।

MCD को कुल 11,266 करोड़ रुपये (कुछ रिपोर्ट्स में 11,666 करोड़)।

यमुना पार क्षेत्र के विकास के लिए 300 करोड़ रुपये।

दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के लिए 787 करोड़ रुपये।

सरकार ने नए सचिवालय और अधिकारियों के लिए आवास बनाने की भी घोषणा की है।

अन्य प्रमुख सेक्टरों में आवंटन

शिक्षा: 19,326 करोड़ रुपये (18.64%) – सबसे बड़ा हिस्सा।

स्वास्थ्य: 13,034 करोड़ रुपये (12.57%)।

सोशल सिक्योरिटी: 10,537 करोड़ रुपये।

पानी और स्वच्छता: 9,000 करोड़ रुपये (दिल्ली जल बोर्ड)।

बिजली: 3,942 करोड़ रुपये।

बजट में कुल 62,550 करोड़ रुपये योजनाओं और प्रोजेक्ट्स के लिए, जबकि 41,150 करोड़ रुपये राजस्व और पूंजीगत खर्च के लिए रखे गए हैं। सरकार 16,700 करोड़ रुपये बाजार से उधार लेने की भी योजना बना रही है।

सीएम रेखा गुप्ता का बयान

“यह बजट विकसित दिल्ली और हरित दिल्ली का संकल्प है। हम फ्रीबी कल्चर से दूर हटकर वास्तविक विकास पर फोकस कर रहे हैं। ट्रिपल इंजन सरकार दिल्ली को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।”

यह बजट दिल्ली की सड़कों को धूल-मुक्त बनाने, ट्रैफिक की समस्या कम करने, अनधिकृत कॉलोनियों और गांवों को बेहतर सुविधाएं देने तथा शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर केंद्रित है।

दिल्लीवासियों के लिए सड़कें और घर – दोनों पर सरकार ने खजाना खोल दिया है। अब देखना होगा कि ये घोषणाएं कितनी तेजी से जमीन पर उतरती हैं।

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