मिडिल ईस्ट संकट पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उच्चस्तरीय बैठक समाप्त, करीब डेढ़ घंटे चली चर्चा
मिडिल ईस्ट संकट पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उच्चस्तरीय बैठक समाप्त, करीब डेढ़ घंटे चली चर्चा
नई दिल्ली: ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव और पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी संघर्ष के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक करीब डेढ़ घंटे चली, जिसमें भारत की रक्षा तैयारियों और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में कौन-कौन शामिल?
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में शामिल थे:
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS)
थल सेना प्रमुख
नौ सेना प्रमुख
वायु सेना प्रमुख
अन्य वरिष्ठ सैन्य और सिविल अधिकारी
बैठक का मुख्य उद्देश्य ईरान-इजरायल संघर्ष (जो अब 25वें दिन में प्रवेश कर चुका है) के मद्देनजर भारत की रक्षा तैयारियों का जायजा लेना और संभावित प्रभावों पर चर्चा करना था।
राजनाथ सिंह का बयान
बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा:
“मिडिल ईस्ट में हालात अभी असामान्य हैं और स्थिति किस दिशा में जाएगी, यह कहना मुश्किल है। यह न सिर्फ भारत बल्कि पूरे विश्व के लिए चिंता का विषय है।”
उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में संभावित रुकावट का जिक्र करते हुए तेल-गैस आपूर्ति पर पड़ने वाले असर को लेकर भी सतर्कता बरतने की बात कही।
बैठक के प्रमुख मुद्दे
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष की समीक्षा
भारत की रक्षा तैयारियों का मूल्यांकन
तेल टैंकरों की सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर संभावित प्रभाव
सैन्य रणनीति और आपातकालीन प्लान
सरकार कल (25 मार्च 2026) को ऑल पार्टी मीटिंग भी बुला रही है, जिसमें विपक्षी दलों को मिडिल ईस्ट संकट पर ब्रिफिंग दी जाएगी।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है और भारत ऊर्जा सुरक्षा, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा तथा वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को लेकर सतर्क है।
देश की सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए सरकार की सतर्कता सराहनीय है।
