Tuesday, September 8, 2026
Latest:
राजनीति

मिडिल ईस्ट जंग से ऊर्जा संकट पैदा हुआ, भारत के लिए भी हालात चिंताजनक: राज्यसभा में बोले पीएम मोदी

मिडिल ईस्ट जंग से ऊर्जा संकट पैदा हुआ, भारत के लिए भी हालात चिंताजनक: राज्यसभा में बोले पीएम मोदी

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में ईरान-इजरायल संघर्ष के चलते वैश्विक ऊर्जा संकट गहराने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (24 मार्च 2026) को राज्यसभा में विस्तृत संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध के कारण दुनिया में गंभीर ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है और भारत के लिए भी स्थिति चिंताजनक है। पीएम मोदी ने संसद से शांति का संदेश देते हुए सभी पक्षों से डी-एस्केलेशन (तनाव कम करने) और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने की अपील की।

पीएम मोदी ने राज्यसभा में क्या-क्या कहा? (मुख्य बिंदु)

ऊर्जा संकट पर चिंता: “मिडिल ईस्ट जंग से ऊर्जा संकट पैदा हुआ है। पेट्रोल, डीजल, गैस और खाद की नियमित आपूर्ति प्रभावित हुई है। हमारे व्यापार मार्ग भी प्रभावित हुए हैं। यह स्थिति भारत के लिए चिंताजनक है।”

तैयारी और आपूर्ति: सरकार सभी उपलब्ध स्रोतों से कच्चा तेल और गैस खरीद रही है। प्रयास जारी रहेंगे। भारत की रिफाइनरी क्षमता पिछले 11 वर्षों में काफी बढ़ी है, जिससे हम संकट से बेहतर तरीके से निपट सकते हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज: “हमारा लक्ष्य डी-एस्केलेशन और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का खुला रखना है। अगर यह जलमार्ग बंद हुआ तो गंभीर दुष्परिणाम होंगे। होर्मुज में हजारों जहाज फंसे हैं, जिनमें भारतीय क्रू मेंबर्स भी शामिल हैं।”

शांति का आह्वान: “शांति ही समाधान है। युद्ध लंबा चला तो गंभीर दुष्परिणाम तय हैं। आज संसद से शांति की एकजुटता का संदेश जाना चाहिए।” भारत ने ईरान, इजरायल और अमेरिका समेत सभी प्रभावित देशों से संपर्क किया है।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा: खाड़ी देशों में रह रहे करोड़ों भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। 24×7 हेल्पलाइन सक्रिय है। प्रभावित क्षेत्रों से भारतीयों को सुरक्षित निकालने की तैयारी है।

आर्थिक और आंतरिक सुरक्षा: युद्ध का असर विश्व अर्थव्यवस्था पर लंबे समय तक रहेगा। भारत ने 7 नए एम्पावर्ड ग्रुप बनाए हैं, जो सप्लाई चेन, पेट्रोल-डीजल, खाद, गैस और महंगाई पर नजर रख रहे हैं। आंतरिक सुरक्षा (तटीय, सीमा, साइबर और रणनीतिक स्थानों) को और मजबूत किया जा रहा है।

आत्मनिर्भरता का जोर: पीएम ने कहा कि पिछले वर्षों में भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हुई है, लेकिन सतर्क रहना जरूरी है।

अन्य महत्वपूर्ण बातें

पीएम मोदी ने कल लोकसभा में भी इसी मुद्दे पर विस्तार से बोला था। आज राज्यसभा में उनका संबोधन करीब 20-25 मिनट चला।

उन्होंने विपक्ष से भी अपील की कि इस संकट में राजनीतिक लाभ से ऊपर उठकर देशहित को प्राथमिकता दें।

सरकार ने तेल भंडारण, घरेलू उत्पादन बढ़ाने और वैकल्पिक स्रोतों पर फोकस किया है।

यह संबोधन ऐसे समय में हुआ जब मिडिल ईस्ट संघर्ष अपने चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (दुनिया का 20% तेल गुजरता है) पर खतरा मंडरा रहा है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत की विदेश नीति शांति और संवाद पर आधारित है।

नोट: स्थिति तेजी से बदल रही है, इसलिए आगे की अपडेट पर नजर रखें।

देश की ऊर्जा सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार की सतर्कता सराहनीय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *