ईरान युद्ध पर संसद में बोले पीएम मोदी: “3.75 लाख भारतीय वतन लौटे, खाड़ी का संकट पूरी दुनिया के लिए चुनौती”
संसद के बजट सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान-इजरायल युद्ध और पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालातों पर देश को संबोधित किया। पीएम मोदी का यह बयान न केवल वैश्विक अर्थव्यवस्था बल्कि वहां फंसे लाखों भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
ईरान युद्ध पर संसद में बोले पीएम मोदी: “3.75 लाख भारतीय वतन लौटे, खाड़ी का संकट पूरी दुनिया के लिए चुनौती”
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में पश्चिम एशिया (West Asia) के युद्धग्रस्त हालातों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संकट केवल दो देशों के बीच नहीं है, बल्कि इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय दृष्टिकोण पर पड़ रहा है।
भारत की चिंता के 3 बड़े कारण
पीएम मोदी ने बताया कि भारत इस युद्ध को लेकर इतना सतर्क क्यों है:
* ऊर्जा सुरक्षा: भारत की कच्चे तेल और गैस की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी क्षेत्र से आता है। युद्ध के कारण सप्लाई चेन बाधित होने का खतरा है।
* व्यापारिक मार्ग: यह क्षेत्र वैश्विक व्यापार का प्रमुख रास्ता है। समंदर में चलने वाले कमर्शियल जहाजों में बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर मौजूद हैं।
* 1 करोड़ भारतीय: लगभग एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते हैं। उनकी सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ऑपरेशन ‘घर वापसी’: अब तक का आंकड़ा
प्रधानमंत्री ने सदन में जानकारी दी कि युद्ध शुरू होने के बाद से सरकार ने युद्धस्तर पर भारतीयों को रेस्क्यू किया है:
* कुल वापसी: अब तक 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं।
* ईरान से रेस्क्यू: अकेले ईरान से 1000 भारतीय वापस लाए गए हैं, जिनमें 700 मेडिकल छात्र शामिल हैं।
* हेल्पलाइन: प्रभावित देशों में 24/7 कंट्रोल रूम और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की गई हैं।
छात्रों के लिए बड़ी राहत: CBSE परीक्षाएं रद्द
खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय छात्रों के भविष्य को देखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है:
* खाड़ी देशों के भारतीय स्कूलों में होने वाली CBSE कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं।
* छात्रों की पढ़ाई निर्बाध चलती रहे, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
राजनयिक प्रयास और सुरक्षा का आश्वासन
पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने पश्चिम एशिया के राष्ट्राध्यक्षों से दो राउंड फोन पर बात की है। सभी देशों ने भारतीयों की सुरक्षा का पूरा आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री ने उन भारतीयों के प्रति संवेदना व्यक्त की जिनकी इस युद्ध के दौरान दुखद मृत्यु हुई है और घायलों के बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया।
पीएम का संदेश: “संकट के इस समय में भारत की संसद से एकमत और एकजुट आवाज दुनिया में जानी चाहिए। हमारी सरकार संवेदनशील भी है और हर सहायता के लिए तत्पर भी है।”
