हिमाचल बजट 2026-27: वित्तीय संकट के बीच ‘कठोर’ फैसलों की घोषणा
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य के गहरे वित्तीय संकट से निपटने के लिए एक अत्यंत कड़ा और ऐतिहासिक बजट पेश किया है। वर्ष 2026-27 के इस बजट में लोकलुभावन घोषणाओं के बजाय ‘वित्तीय अनुशासन’ और ‘आत्मनिर्भरता’ पर जोर दिया गया है।
हिमाचल बजट 2026-27: वित्तीय संकट के बीच ‘कठोर’ फैसलों की घोषणा
1. वेतन में भारी कटौती (अगले 6 महीनों के लिए)
सरकार ने खर्च कम करने के लिए मुख्यमंत्री से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तक के वेतन में कटौती और रोक का निर्णय लिया है:
* मुख्यमंत्री: वेतन में 50% की कटौती।
* मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी (CS/DGP/सचिव): वेतन में 30% की कटौती।
* विधायक और अन्य अधिकारी: वेतन में 20% की कटौती।
* पुलिस विभाग: ADGP से DIG तक 30%, जबकि SP और अन्य कर्मियों के वेतन में 20% की कटौती।
* वेतन वृद्धि (Increment): कर्मचारियों की 3% वार्षिक वेतन वृद्धि को 6 महीने के लिए टाल दिया गया है।
2. बजट के आकार में कमी और राजस्व घाटा
राज्य पर बढ़ते कर्ज और केंद्र से मिलने वाली सहायता में कमी के कारण बजट के आकार को छोटा किया गया है:
* कुल बजट: पिछले वर्ष के ₹58,514 करोड़ से घटाकर ₹54,928 करोड़ किया गया (₹3,586 करोड़ की कमी)।
* कारण: केंद्र द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बंद करना और GST युक्तिकरण से लगभग ₹25,000 करोड़ का अनुमानित नुकसान।
* बकाया राशि: BBMB और GST मुआवजे के करीब ₹7,000 करोड़ अभी भी केंद्र से मिलने शेष हैं।
3. प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाएं
वित्तीय तंगी के बावजूद सरकार ने समाज के कमजोर वर्गों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं:
* मुख्यमंत्री अपना सुखी परिवार योजना: 1 लाख गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और चरणबद्ध आर्थिक सहायता।
* सामाजिक सुरक्षा: दृष्टिबाधितों की पेंशन बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह की गई। महिला एवं बाल कल्याण के लिए ₹1,544 करोड़ का प्रावधान।
* ग्रामीण विकास: रुके हुए विकास कार्यों के लिए ₹500 करोड़ जारी किए गए।
4. कृषि और पशुपालन पर जोर
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान हैं:
* MSP में वृद्धि: प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को बढ़ाया जाएगा।
* किसान आयोग: राज्य में ‘किसान आयोग’ का गठन किया जाएगा।
* प्राकृतिक खेती: ‘राजीव गांधी प्राकृतिक कृषि योजना’ का विस्तार किया जाएगा।
* पशुपालन: इस क्षेत्र के लिए ₹734 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
बजट सारांश: एक नज़र में
| मद | विवरण |
| कुल बजट (2026-27) | ₹54,928 करोड़ |
| बजट में कटौती | ₹3,586 करोड़ |
| अनुमानित GST नुकसान | ₹25,000 करोड़ |
| वेतन कटौती अवधि | 6 महीने |
| मुफ्त बिजली | 300 यूनिट (चयनित परिवारों के लिए) |
मुख्यमंत्री का संदेश: सीएम सुक्खू ने स्पष्ट किया है कि राज्य अब “लोकलुभावन राजनीति” के बजाय “वित्तीय स्थिरता” की ओर बढ़ेगा ताकि आने वाली पीढ़ियों को कर्ज के बोझ से बचाया जा सके।
