राजनीति

बंगाल चुनाव में BJP का ‘आध्यात्मिक दांव’! साधु-संत और पुजारियों को दिए टिकट – योगी मॉडल पर नई रणनीति

बंगाल चुनाव में BJP का ‘आध्यात्मिक दांव’! साधु-संत और पुजारियों को दिए टिकट – योगी मॉडल पर नई रणनीति

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (पोलिंग 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में) की तैयारियां तेज हैं। BJP ने अपनी पहली कैंडिडेट लिस्ट (144 उम्मीदवार) जारी की है, जिसमें साधु-संत, पुजारी और आध्यात्मिक नेताओं को टिकट देकर बड़ा ‘आध्यात्मिक दांव’ खेला है। यह रणनीति उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ मॉडल से प्रेरित लगती है, जहां धार्मिक प्रभाव और सनातन संस्कृति को वोट बैंक में बदलने की कोशिश की गई थी। BJP का मकसद: TMC की ‘दीदी’ इमेज को काउंटर करते हुए हिंदू भावनाओं और बंगाली सनातन परंपरा को मजबूत करना, खासकर ग्रामीण और मंदिर-मठ वाले इलाकों में।

BJP के ‘आध्यात्मिक’ कैंडिडेट्स की हाइलाइट्स (हाल की लिस्ट और रिपोर्ट्स से):

पार्टी ने कई साधु-संतों और पुजारियों को टिकट दिए हैं, जो स्थानीय मंदिरों/आश्रमों से जुड़े हैं। ये उम्मीदवार मुख्य रूप से उत्तर बंगाल, पुरुलिया, बांकुड़ा और दक्षिण 24 परगना जैसे इलाकों से हैं, जहां हिंदू वोटर ज्यादा हैं और TMC पर ‘अपमानजनक’ आरोप लगते रहे हैं (जैसे साधुओं की पिटाई के पुराने केस)।

उदाहरण: कुछ रिपोर्ट्स (AajTak, अन्य मीडिया) में कहा गया कि BJP ने संतों और पुजारियों को फील्ड किया है ताकि वे धार्मिक आयोजनों और मठों के माध्यम से ग्राउंड लेवल पर कैंपेन चला सकें।

कुल लिस्ट में 41 मौजूदा MLA बरकरार, 36 युवा (40 से कम उम्र), 11 महिलाएं, टीचर्स (23), एक्टर रुद्रनील घोष, क्रिकेटर अशोक दिंडा जैसे नाम। लेकिन ‘आध्यात्मिक’ कैंडिडेट्स पर फोकस से पार्टी ने सनातन से सरकार का नैरेटिव पुष्ट किया।

Suvendu Adhikari (LoP) को नंदीग्राम और भवानीपुर (ममता की सीट) से टिकट – सीधा मुकाबला।

क्यों अपनाया यह दांव?

TMC पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाते हुए BJP धार्मिक पहचान को हथियार बना रही है। पिछले चुनावों में BJP को 38% वोट मिले थे, लेकिन सीटें कम। अब साधु-संतों को टिकट देकर पार्टी हिंदू वोट को कंसॉलिडेट करना चाहती है।

ममता बनर्जी ने काउंटर में ईद से पहले पुरोहितों और मुअज्जिनों का मानदेय ₹500 बढ़ाकर ₹2000 किया – दोनों तरफ ‘आध्यात्मिक’ दांव चल रहे हैं।

BJP की Parivartan Yatra (मार्च से शुरू) में भी सनातन और बंगाली संस्कृति पर जोर – PM मोदी की रैली प्लान्ड।

विपक्ष और एक्सपर्ट्स की राय:

TMC ने इसे वोट बैंक पॉलिटिक्स बताया, कहा कि BJP ‘बंगाल की सेकुलर इमेज’ खराब कर रही है।

एक्सपर्ट्स कहते हैं: यह रणनीति UP जैसी काम कर सकती है, लेकिन बंगाल में TMC की मजबूत ग्राउंड और ममता की ‘माँ-बहन’ इमेज चुनौती बनेगी। मुस्लिम वोट (30%+) भी फैक्टर।

चुनावी बैटलग्राउंड:

294 सीटों में BJP 2021 में सिर्फ 77 जीती थी। अब SIR वोटर लिस्ट विवाद, R.G. Kar केस और लॉ एंड ऑर्डर पर हमला। आध्यात्मिक दांव से BJP हिंदू बहुल इलाकों में बढ़त बनाने की कोशिश में है।

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