गौ-संरक्षण पर CM योगी की अहम बैठक: बड़े फैसले लिए, मथुरा कांड की भी हुई चर्चा – तस्करों पर सख्ती का ऐलान
गौ-संरक्षण पर CM योगी की अहम बैठक: बड़े फैसले लिए, मथुरा कांड की भी हुई चर्चा – तस्करों पर सख्ती का ऐलान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ईद-उल-फित्र के अवकाश पर भी गौ-संरक्षण और गौशालाओं को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक लखनऊ में उनके सरकारी आवास पर हुई, जिसमें गौ सेवा आयोग के सदस्य, पशुधन मंत्री, कृषि उत्पादन आयुक्त और अन्य अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस गौशालाओं की बेहतर व्यवस्था, गोवंश की देखभाल और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गौ-संरक्षण की भूमिका पर रहा।
मुख्य फैसले और निर्देश
प्रत्येक गौशाला में ‘भूसा बैंक’ की स्थापना अनिवार्य – चारा उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए, ताकि निराश्रित गोवंश को भूख से न जूझना पड़े।
गौ-सेवा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों/संस्थाओं को सम्मानित करने का फैसला – आत्मनिर्भर गौ-आश्रय स्थलों को प्रोत्साहन।
गौ-संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सतत विकास का आधार बताते हुए पारदर्शिता, तकनीक (CCTV, डिजिटल ट्रैकिंग) और फील्ड वर्क पर जोर।
मंत्री और अधिकारियों को निर्देश: फील्ड में उतरकर काम करें, सिर्फ कागजी कार्रवाई नहीं।
गोवंश स्वास्थ्य, देखभाल और गोशालाओं की क्षमता बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा – कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं।
मथुरा कांड की चर्चा और सख्ती:
बैठक में हाल ही में मथुरा के कोसीकलां इलाके में प्रसिद्ध गौरक्षक संत चंद्रशेखर सिंह उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत (हत्या का आरोप) पर गंभीर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लिया और पशु तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए।
आरोपियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
जांच तेज करने और न्याय सुनिश्चित करने का आदेश।
गौ-तस्करी रोकने के लिए पहले से चल रही जीरो टॉलरेंस नीति को और मजबूत करने पर जोर।
CM योगी ने कहा: “गौ-संरक्षण केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक खेती और सतत विकास का मजबूत आधार है।” यह बैठक मथुरा घटना के बाद गौरक्षकों में उठे आक्रोश और हाईवे जाम जैसे बवाल के बीच हुई, जिससे सरकार की प्रतिबद्धता दिखती है।
पृष्ठभूमि:
मथुरा कांड (21 मार्च तड़के) के बाद इलाके में तनाव था – गौरक्षकों ने हाईवे जाम किया, पथराव हुआ। पुलिस ने इसे हादसा बताया, लेकिन गौरक्षक हत्या का आरोप लगा रहे हैं। CM ने तुरंत संज्ञान लिया और अब बैठक में इसे शामिल कर कार्रवाई का रोडमैप दिया।
यह कदम यूपी में गौ-संरक्षण को और मजबूत बनाने की दिशा में है।
