चमोली में कुदरत का कहर: भारी बारिश के बाद भूस्खलन से नेशनल हाईवे ठप
सीमांत जनपद चमोली में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बदरीनाथ और नीति-मलारी जैसे मुख्य हाईवे बंद होने से यात्रियों और स्थानीय निवासियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
चमोली में कुदरत का कहर: भारी बारिश के बाद भूस्खलन से नेशनल हाईवे ठप
1. प्रमुख मार्ग और भूस्खलन के केंद्र
लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ दरकने से चमोली के दो सबसे महत्वपूर्ण मार्ग बाधित हो गए हैं:
* बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग: गोविंदघाट के पास पिनोला नामक स्थान पर पहाड़ी से विशाल चट्टानें गिरने के कारण यह हाईवे पूरी तरह बंद है।
* नीति-मलारी हाईवे: यह मार्ग स्योन-सालधर के पास मलबे के कारण अवरुद्ध हो गया है।
* असर: इन मार्गों के बंद होने से घाटी के कई गांवों का संपर्क तहसील मुख्यालय से कट गया है और सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं।
2. राहत एवं बचाव कार्य में चुनौतियां
प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर डटी हुई हैं, लेकिन काम में कई बाधाएं आ रही हैं:
* लगातार गिरते पत्थर: जेसीबी मशीनें मलबा हटाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन ऊपर पहाड़ी से रह-रहकर पत्थर गिर रहे हैं, जिससे काम जोखिम भरा हो गया है।
* खराब मौसम: बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन की गति धीमी बनी हुई है।
3. मौसम का मिजाज और प्रशासन की चेतावनी
उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और निचले इलाकों में बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है:
* यात्रा से बचें: यात्रियों को सलाह दी गई है कि जब तक बहुत जरूरी न हो, वे पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा न करें।
* भूस्खलन का खतरा: बारिश के दौरान कच्चे पहाड़ों के गिरने का खतरा बना रहता है, इसलिए सुरक्षित स्थानों पर रुकने की अपील की गई है।
4. वर्तमान स्थिति का सारांश
| प्रभावित मार्ग | स्थान | वर्तमान स्थिति |
| बदरीनाथ हाईवे | पिनोला (गोविंदघाट) | बंद (मलबा हटाने का कार्य जारी) |
| नीति-मलारी हाईवे | स्योन-सालधर | बाधित |
| जनजीवन | चमोली जनपद | प्रभावित (गांवों का संपर्क कटा) |
