उत्तराखंड में धूमधाम से मनाई गई ईद-उल-फितर! नमाज के बाद गले मिलकर दी मुबारकबाद – अमन-चैन की दुआएं, खुशियों का माहौल
उत्तराखंड में धूमधाम से मनाई गई ईद-उल-फितर! नमाज के बाद गले मिलकर दी मुबारकबाद – अमन-चैन की दुआएं, खुशियों का माहौल
उत्तराखंड में ईद-उल-फितर 2026 (मीठी ईद) हर्षोल्लास और भाईचारे के साथ मनाई गई। एक महीने के रमजान रोजों के बाद आज (शनिवार) सुबह मस्जिदों और ईदगाहों में हजारों मुसलमानों ने ईद की विशेष नमाज अदा की। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद मुबारकबाद दी, बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खुशी की लहर दिखी। पूरे राज्य में अमन-चैन, भाईचारे और देश की तरक्की के लिए दुआएं मांगी गईं।
मुख्य जगहों पर क्या हुआ?
देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल, रामनगर समेत सभी जिलों में 75+ ईदगाह और मस्जिदों में नमाज अदा की गई।
रामनगर में ईदगाहों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे – नमाज के बाद गले मिलकर मुबारकबाद दी गई। शहर काजी गुलाम मुस्तफा नईमी ने कहा: “यह त्योहार इंसानियत, भाईचारे और सम्मान का संदेश देता है।”
नैनीताल के मल्लीताल जामा मस्जिद (सुबह 9:30 बजे) और तल्लीताल मस्जिद (10:30 बजे) में पेश इमामों ने नमाज पढ़ाई – हर्ष उल्लास से मनाया गया।
देहरादून और अन्य जगहों पर भी नमाज सकुशल संपन्न हुई, पुलिस ने मुस्तैदी से सुरक्षा की।
जरूरतमंदों को मदद बांटी गई, मीठी सेवईयां और नए कपड़ों की रौनक रही।
सुरक्षा और व्यवस्था:
राज्य में चैत्र नवरात्रि के साथ ईद होने से सुरक्षा हाई अलर्ट पर थी – पुलिस ने फ्लैग मार्च, मस्जिदों पर तैनाती और सेक्टर-जोन में बंटवारा किया। हरिद्वार जैसे संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और अतिरिक्त फोर्स तैनात।
कोई अप्रिय घटना नहीं हुई – सब कुछ शांतिपूर्ण रहा।
ईद का महत्व:
रमजान के 30 रोजों के बाद यह त्योहार खुशी, कृतज्ञता और एकता का प्रतीक है। उत्तराखंड में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे की मिसाल देखने को मिली – कई जगहों पर पड़ोसी एक-दूसरे को बधाई देने पहुंचे।
