Zomato का ‘महंगा’ दांव: प्लेटफॉर्म फीस में 19% की बढ़ोतरी, कंपनी को होगी रोजाना 48 लाख रुपये की एक्स्ट्रा कमाई
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और ऊर्जा संकट (LPG/Crude Oil) के बीच अब ऑनलाइन खाना मंगाना भी आपकी जेब पर भारी पड़ेगा। Zomato ने आज यानी 20 मार्च 2026 से अपनी प्लेटफॉर्म फीस में एक बार फिर इजाफा कर दिया है।
Zomato का ‘महंगा’ दांव: प्लेटफॉर्म फीस में 19% की बढ़ोतरी, कंपनी को होगी रोजाना 48 लाख रुपये की एक्स्ट्रा कमाई
नई दिल्ली: अगर आप आज से जोमैटो (Zomato) से बिरयानी या पिज्जा ऑर्डर करने की सोच रहे हैं, तो बिल थोड़ा ज्यादा आने वाला है। देश की दिग्गज फूड डिलीवरी कंपनी ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस (Platform Fee) में ₹2.40 की बढ़ोतरी कर दी है। अब ग्राहकों को प्रति ऑर्डर ₹14.90 (बिना GST) प्लेटफॉर्म फीस देनी होगी, जो पहले ₹12.50 थी।
कमाई का गणित: कैसे जुटेंगे 48 लाख?
Zomato को औसतन हर रोज करीब 20 लाख ऑर्डर मिलते हैं।
* पुरानी फीस: ₹12.50
* नई फीस: ₹14.90 (₹2.40 का इजाफा)
* अतिरिक्त कमाई: 20 लाख (ऑर्डर) \times ₹2.40 (बढ़ोतरी) = ₹48,00,000 प्रति दिन
इस छोटे से दिखने वाले बदलाव से कंपनी अपनी सालाना आय में करोड़ों रुपये जोड़ने की तैयारी में है।
फीस बढ़ाने के पीछे की बड़ी वजहें:
* मिडिल ईस्ट संकट: ईरान-इजरायल युद्ध के कारण कच्चे तेल और गैस (LPG) की सप्लाई बाधित हुई है। इससे रेस्टोरेंट्स और डिलीवरी पार्टनर्स का ऑपरेशनल खर्च बढ़ गया है।
* LPG की किल्लत: भारत में कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में हाल ही में ₹115 का इजाफा हुआ है, जिसका असर फूड इंडस्ट्री पर पड़ा है।
* प्रॉफिटेबिलिटी: कंपनी अपने मार्जिन को सुधारने और ‘यूनिट इकोनॉमिक्स’ को बेहतर बनाने के लिए लगातार फीस में बदलाव कर रही है।
Swiggy बनाम Zomato: कौन है सस्ता?
Zomato की प्रतिद्वंदी कंपनी Swiggy भी वर्तमान में टैक्स सहित लगभग ₹14.99 प्लेटफॉर्म फीस वसूल रही है। आमतौर पर ये दोनों कंपनियाँ एक-दूसरे को देखते हुए ही अपनी फीस में बदलाव करती हैं।
याद दिला दें: 2023 में Zomato ने मात्र ₹2 से प्लेटफॉर्म फीस की शुरुआत की थी, जो महज 3 साल के भीतर ₹15 के करीब पहुँच गई है।
