10 करोड़ का नकली NCERT किताब घोटाला: SSP अजय गणपति का बड़ा एक्शन, 10 सदस्यीय SIT करेगी पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश
10 करोड़ का नकली NCERT किताब घोटाला: SSP अजय गणपति का बड़ा एक्शन, 10 सदस्यीय SIT करेगी पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जनपद में शिक्षा व्यवस्था के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बहुत बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। रुद्रपुर में 10 करोड़ रुपये की नकली NCERT किताबें बरामद होने के बाद पुलिस ने अब इस मामले की जड़ तक पहुँचने के लिए कमर कस ली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय गणपति के निर्देश पर 10 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क के मास्टरमाइंड की तलाश करेगी।
14 मार्च की वो बड़ी छापेमारी
यह पूरा मामला 14 मार्च को तब शुरू हुआ जब पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर रुद्रपुर के एक गोदाम पर छापा मारा। इस कार्रवाई में:
* बरामदगी: लगभग 10 करोड़ रुपये मूल्य की नकली NCERT किताबें जब्त की गईं।
* जब्ती: मौके से एक ट्रक भी पकड़ा गया, जो नकली किताबों की सप्लाई के लिए तैयार खड़ा था।
* कानूनी कार्रवाई: कोतवाली रुद्रपुर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और कॉपीराइट अधिनियम की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
SIT का ढांचा और जिम्मेदारी
मामले की गंभीरता और इसके तार दूसरे राज्यों से जुड़े होने की आशंका को देखते हुए SSP ने अनुभवी अधिकारियों की टीम तैयार की है:
* पर्यवेक्षण: पुलिस अधीक्षक (अपराध एवं यातायात) जिेंद्र चौधरी इस पूरी जांच की निगरानी करेंगे।
* नेतृत्व: क्षेत्राधिकारी सदर रुद्रपुर प्रशांत कुमार को SIT की कमान सौंपी गई है।
* टीम के सदस्य: निरीक्षक मनोज रतूड़ी, एसओजी प्रभारी उमेश कुमार, चंदन सिंह बिष्ट और प्रियांशु जोशी सहित 10 जांबाज अफसर शामिल हैं।
* तकनीकी मदद: सर्विलांस सेल को भी सक्रिय किया गया है ताकि आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड्स और डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए पूरे सिंडिकेट का तकनीकी विश्लेषण किया जा सके।
SSP अजय गणपति का सख्त संदेश
SSP ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा:
“शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में धोखाधड़ी और बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। SIT का मुख्य उद्देश्य इस अवैध कारोबार के पीछे छिपे ‘असली चेहरों’ और प्रिंटिंग प्रेस के मुख्य अड्डों तक पहुँचना है।”
शिक्षा माफियाओं में हड़कंप
पुलिस की इस कार्रवाई से जनपद और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से नकली किताबें छापने और बेचने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली किताबें बाजार में खपाने की योजना थी, जिससे न केवल NCERT को राजस्व की हानि होती, बल्कि छात्रों को भी त्रुटिपूर्ण और घटिया सामग्री मिलती।
