गैस किल्लत पर सरकार का बड़ा बयान: 29 राज्यों में कॉमर्शियल सप्लाई शुरू; कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में छापेमारी
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत में एलपीजी (LPG) सप्लाई को लेकर मचे हाहाकार पर केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कॉमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति दोबारा शुरू कर दी गई है और देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है।
गैस किल्लत पर सरकार का बड़ा बयान: 29 राज्यों में कॉमर्शियल सप्लाई शुरू; कालाबाजारी रोकने के लिए देशभर में छापेमारी
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण भारत में रसोई गैस और कॉमर्शियल सिलेंडर की कमी की खबरों के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने मोर्चा संभाला है। शनिवार को मंत्रालय की संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता को आश्वस्त किया कि गैस की कोई कमी नहीं है और स्थिति अब तेजी से नियंत्रण में आ रही है।
29 राज्यों में शुरू हुआ वितरण
संयुक्त सचिव ने बताया कि राज्य सरकारों के साथ विचार-विमर्श के बाद एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।
* सप्लाई बहाल: देश के 29 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कॉमर्शियल सिलेंडरों का वितरण फिर से शुरू कर दिया गया है।
* ग्राहकों तक पहुंच: कई राज्यों में ग्राहकों को सिलेंडर मिलने भी शुरू हो गए हैं, जिससे होटल और व्यापारिक जगत को राहत मिली है।
‘पैनिक बुकिंग’ से बचने की अपील
मंत्रालय ने लोगों द्वारा की जा रही भारी बुकिंग पर चिंता जताई है। सुजाता शर्मा ने कहा:
“एलपीजी की पैनिक बुकिंग बहुत ज्यादा हो रही है। हमारे पास पर्याप्त भंडार है, इसलिए लोग अनावश्यक रूप से डीलरों के पास भीड़ न लगाएं। जब जरूरत हो, तभी बुकिंग करें।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि तेल कंपनियां पहले की तरह ही घरों तक सिलेंडर पहुंचाती रहेंगी।
कालाबाजारी पर सर्जिकल स्ट्राइक
गैस की किल्लत की अफवाह का फायदा उठाने वाले कालाबाजारियों के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।
* छापेमारी: तेल कंपनियों ने 13 मार्च को देशभर में 1300 से अधिक जगहों पर औचक निरीक्षण किया।
* UP में कार्रवाई: अकेले उत्तर प्रदेश में 1400 जगहों पर चेकिंग की गई और 19 FIR दर्ज की गईं।
* संयुक्त टीम: राज्य सरकार और तेल कंपनियों के अधिकारियों की संयुक्त टीमें बनाई गई हैं ताकि गैस की अवैध बिक्री रोकी जा सके।
भविष्य की रणनीति: PNG पर जोर
सरकार अब कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को एलपीजी के बजाय पीएनजी (PNG – Pipe Natural Gas) की ओर मोड़ने की योजना बना रही है।
* जिन क्षेत्रों में पीएनजी कनेक्शन तुरंत दिए जा सकते हैं, वहां प्राथमिकता दी जाएगी।
* दिल्ली-एनसीआर (NCR) में CAQM ने गैस के वैकल्पिक व्यवस्थाओं की भी अनुमति दे दी है ताकि प्रदूषण और किल्लत दोनों से निपटा जा सके।
पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई खतरा नहीं
रिफाइनरी और क्रूड ऑयल की स्थिति पर मंत्रालय ने साफ किया कि भारत अपनी जरूरत के हिसाब से पर्याप्त पेट्रोल और डीजल का उत्पादन कर रहा है। क्रूड की सप्लाई चैन सुरक्षित है, इसलिए वाहनों के ईंधन को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
