ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध में नया ट्विस्ट! ईरान का दावा: USS अब्राहम लिंकन पर हमला, पोत को भारी नुकसान; अमेरिका ने सिरे से खारिज किया
ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध में नया ट्विस्ट! ईरान का दावा: USS अब्राहम लिंकन पर हमला, पोत को भारी नुकसान; अमेरिका ने सिरे से खारिज किया – ‘झूठ, मिसाइलें करीब भी नहीं पहुंचीं’
ईरान-अमेरिका युद्ध (Iran War 2026) में 13 मार्च 2026 को बड़ा प्रोपेगैंडा वार! ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसके मिसाइल और ड्रोन अटैक से अमेरिकी नौसेना का एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन (CVN-72) को भारी नुकसान पहुंचा है। IRGC ने कहा कि जहाज अब ऑपरेशनल नहीं है और गल्फ वाटर्स से पीछे हट गया है। लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसे “पूर्णतः झूठ” बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया – “USS लिंकन पर कोई हमला नहीं हुआ, मिसाइलें करीब भी नहीं पहुंचीं!”
ईरान का दावा क्या है?
IRGC ने स्टेटमेंट में कहा: “हमने बैलिस्टिक मिसाइल और शाहेद ड्रोन से USS अब्राहम लिंकन को टारगेट किया। जहाज को गंभीर क्षति पहुंची, वो अब युद्धक्षेत्र से बाहर है।”
ईरानी स्टेट टीवी और IRGC मीडिया ने इसे “बड़ी सफलता” बताया – दावा है कि 4 बैलिस्टिक मिसाइलें लगीं।
ये दावा ऐसे समय आया जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े हमले किए हैं (Operation Epic Fury या True Promise-4 के जवाब में)। ईरान इसे “बदला” बता रहा है।
कुछ रिपोर्ट्स में IRGC ने कहा कि हमला ओमान सागर या अरब सागर में हुआ, जहाज चाबहार से 250-300 किमी दूर था।
अमेरिका का जवाब क्या है?
CENTCOM ने X पर पोस्ट किया: “🚫 IRGC का दावा कि USS अब्राहम लिंकन पर हमला हुआ – LIE। ✅ जहाज पर कोई हमला नहीं हुआ। मिसाइलें करीब भी नहीं पहुंचीं।”
US डिफेंस ऑफिशियल्स ने कहा: “ये रिपोर्ट्स झूठी हैं। USS अब्राहम लिंकन पूरी तरह ऑपरेशनल है और क्षेत्र में तैनात है।”
अमेरिका ने नई फोटोज जारी कीं – जहाज अरब सागर में नॉर्मल ऑपरेशंस कर रहा दिख रहा है (7 मार्च 2026 की फोटोज भी शेयर की गईं थीं, लेकिन आज फिर कन्फर्मेशन)।
पेंटागन ने कहा कि कोई कैजुअल्टी या डैमेज नहीं – ये ईरान की प्रोपेगैंडा है, जैसे पहले भी कई दावे झूठे साबित हुए (AI जनरेटेड वीडियोज, फेक क्लिप्स)।
कुछ फैक्ट-चेक (AFP, Yahoo) ने पुराने वीडियोज को AI या गेम फुटेज बताया, जो अब्राहम लिंकन से जुड़े नहीं।
पृष्ठभूमि क्या है?
USS अब्राहम लिंकन (न्यूक्लियर-पावर्ड, 100,000 टन, 60-75 एयरक्राफ्ट कैरी करता है) जनवरी 2026 से इंडियन ओशन/मिडिल ईस्ट में तैनात है। फरवरी-अप्रैल में ये US-इजरायल हमलों में शामिल रहा – ईरान पर एयर स्ट्राइक्स और टॉमहॉक मिसाइल अटैक।
ईरान ने कई बार दावा किया कि वो अमेरिकी जहाजों को टारगेट करेगा, लेकिन अब तक कोई इंडिपेंडेंट कन्फर्मेशन नहीं।
ये दावा युद्ध में साइकोलॉजिकल वारफेयर का हिस्सा लगता है – ईरान अपनी जनता और सपोर्टर्स को “जीत” दिखाना चाहता है, जबकि US इसे डिसइनफॉर्मेशन बता रहा है।
भारत पर असर?
भारत ने तटस्थ रुख रखा है – ईरान से होर्मुज स्ट्रेट में सेफ पैसेज मिला है। लेकिन अगर ये एस्केलेशन बढ़ा तो तेल कीमतें और बढ़ सकती हैं, LPG/फ्यूल संकट गहरा सकता है।
MEA ने अभी कोई कमेंट नहीं किया, लेकिन मॉनिटरिंग जारी है।
ये दावा और काउंटर-क्लेम युद्ध की इन्फॉर्मेशन वॉर का हिस्सा है – अभी तक कोई इंडिपेंडेंट प्रूफ नहीं कि हमला हुआ। आपको क्या लगता है – ईरान का दावा सही है या सिर्फ प्रोपेगैंडा? कमेंट में बताएं।
