उत्तराखंड

गैरसैंण बजट सत्र का दूसरा दिन: सदन में 11 विधेयक पास, ‘देवभूमि परिवार विधेयक 2026’ प्रमुख

गैरसैंण बजट सत्र का दूसरा दिन: सदन में 11 विधेयक पास, ‘देवभूमि परिवार विधेयक 2026’ प्रमुख

गैरसैंण (चमोली), 10 मार्च 2026: उत्तराखंड विधानसभा के भराड़ीसैंण (गैरसैंण) स्थित भवन में चल रहे पांच दिवसीय बजट सत्र 2026 का आज दूसरा दिन हंगामेदार रहा। विपक्षी कांग्रेस के विधायकों और कार्यकर्ताओं ने सदन के बाहर और अंदर कानून-व्यवस्था, मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे मुद्दों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन सदन ने कुल 11 महत्वपूर्ण विधेयकों को मंजूरी दे दी।

सत्र के पहले दिन (9 मार्च) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, जिसमें पिछले बजट की तुलना में 10.41% की वृद्धि की गई है। दूसरे दिन सदन में प्रश्नकाल के दौरान कई जनहित के सवाल उठे, इसके बाद सरकार ने 11 विधेयक पटल पर रखे और चर्चा के बाद इन्हें पास करा लिया।

पास किए गए प्रमुख विधेयकों की सूची:

देवभूमि परिवार विधेयक 2026 (Devbhoomi Parivar Adhiniyam 2026) – सबसे चर्चित विधेयक। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इसके लागू होने से राज्य के नागरिकों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी और लक्षित तरीके से पहुंचेगा। यह उत्तराखंड के ‘देवभूमि’ पहचान को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है।

उत्तराखंड दुकान और स्थापना (रोजगार विनियमन और सेवा शर्त) (संशोधन) विधेयक।

उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक।

उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक।

उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाओं (संशोधन) विधेयक।

उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक।

उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (संशोधन) विधेयक (UCC से संबंधित संशोधन)।

अन्य संशोधन विधेयक (जिनमें प्रशासनिक सुधार, शिक्षा, और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े बदलाव शामिल हैं)।

(नोट: पूर्ण सूची में कुछ अध्यादेशों को विधेयक में बदलकर पास किया गया, जैसे दुकान अध्यादेश 2025 को संशोधन विधेयक के रूप में। सटीक नामों में मामूली भिन्नता हो सकती है, लेकिन मुख्य फोकस देवभूमि परिवार और UCC संशोधन पर रहा।)

सदन में हंगामा और विपक्ष का विरोध

सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘चलो गैरसैंण’ कूच निकाला और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। सदन के अंदर भी विपक्ष ने सरकार पर भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था की विफलता और गैरसैंण में सत्र आयोजित करने की औपचारिकता का आरोप लगाया। बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद ने कहा कि सत्र केवल दिखावा है और असली मुद्दों से सरकार भाग रही है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन में कहा कि सरकार विकास और सुशासन पर फोकस कर रही है। देवभूमि परिवार विधेयक को ‘क्रांतिकारी’ बताते हुए उन्होंने दावा किया कि यह राज्य के गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के लिए लाभकारी साबित होगा।

सत्र की आगे की कार्यवाही

बजट सत्र 13 मार्च तक चलेगा। कल से बजट पर विस्तृत चर्चा शुरू होगी। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन विधायी प्रक्रिया तेजी से चल रही है।

 

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