उत्तराखंड

चारधाम यात्रा 2026: बदरी-केदार में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक, ₹121.7 करोड़ का बजट पास

चारधाम यात्रा 2026: बदरी-केदार में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक, ₹121.7 करोड़ का बजट पास

देहरादून। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) ने एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। समिति की बोर्ड बैठक में बदरीनाथ और केदारनाथ धाम सहित 45 अधीनस्थ मंदिरों में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने से संबंधित प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही आगामी यात्रा सत्र 2026-27 के लिए ₹121.07 करोड़ का अनुमानित बजट भी पारित किया गया है।

19 अप्रैल से शुरू होगी यात्रा

बैठक के बाद BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा का शुभारंभ 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर होगा। कपाट खुलने का कार्यक्रम इस प्रकार है:

* गंगोत्री व यमुनोत्री धाम: 19 अप्रैल

* केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल

* बदरीनाथ धाम: 23 अप्रैल

बजट का गणित: केदारनाथ को मिले ₹63.6 करोड़

समिति ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कुल ₹121,07,99,501 का बजट आवंटित किया है। इसमें से ₹57.47 करोड़ बदरीनाथ धाम और ₹63.60 करोड़ केदारनाथ धाम के लिए प्रावधानित किए गए हैं। बजट में आय के सापेक्ष लगभग ₹99.45 करोड़ का व्यय अनुमानित है, जिसे मुख्य रूप से सुविधाओं के विस्तार और मंदिर रखरखाव पर खर्च किया जाएगा।

मोबाइल बैन और सुरक्षा के नए नियम

श्रद्धालुओं की सुविधा और मंदिरों की मर्यादा बनाए रखने के लिए बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है:

* मोबाइल फोन पर पाबंदी: मंदिरों के भीतर एक निश्चित दूरी तक मोबाइल फोन का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा।

* Rishikesh Camp: तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए ऋषिकेश के ट्रांजिट कैंप में विशेष शिविर कार्यालय खोला जाएगा।

* अधिनियम में संशोधन: बीकेटीसी अधिनियम के कुछ पुराने प्रावधानों को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार संशोधित करने का निर्णय लिया गया है।

* कर्मचारी कल्याण: अस्थायी कर्मचारियों के वेतन विसंगति दूर करने और उनके मानदेय में वृद्धि के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी गई है।

‘पर्यटन स्थल नहीं, आस्था के केंद्र हैं धाम’

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत धामों का कायाकल्प किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये धाम पर्यटन स्थल नहीं बल्कि सनातन परंपरा के सर्वोच्च केंद्र हैं, इसलिए इनकी शुचिता बनाए रखना समिति की प्राथमिकता है।

बैठक में मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने पिछले कार्यों की प्रगति रिपोर्ट पेश की और विश्वास दिलाया कि नई व्यवस्थाओं से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन प्राप्त होंगे।

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