अन्तर्राष्ट्रीय

ईरान का पलटवार: “ट्रंप सावधान रहें, कहीं खुद ही न मिट जाएं”, 20 गुना तबाही की धमकी पर लारीजानी का तीखा वार

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही जुबानी जंग अब बेहद व्यक्तिगत और खतरनाक स्तर पर पहुँच गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ’20 गुना ज्यादा तबाही’ वाले अल्टीमेटम के जवाब में ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी और पूर्व संसद अध्यक्ष अली लारीजानी ने सीधे ट्रंप को संबोधित करते हुए एक सनसनीखेज पलटवार किया है।

यहाँ जानिए ईरान ने यह धमकी क्यों दी और इसके पीछे के मुख्य कारण क्या हैं:

ईरान की धमकी: “सावधान रहें, कहीं खुद ही न खत्म हो जाएं”

10 मार्च, 2026 को अली लारीजानी ने सोशल मीडिया (X) पर एक पोस्ट के जरिए ट्रंप को चेतावनी दी। उन्होंने लिखा:

“ईरान की बलिदान देने वाली जनता आपकी खोखली धमकियों से नहीं डरती। आपसे बड़े लोग भी ईरान को मिटाने में नाकाम रहे हैं। बेहतर होगा कि आप अपनी सावधानी बरतें, कहीं खुद ही न मिट जाएं (Eliminated)!”

ईरान के इस गुस्से के पीछे के 3 बड़े कारण

1. ट्रंप का ‘डेथ, फायर एंड फ्यूरी’ वाला बयान

हाल ही में ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किया था कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से तेल की सप्लाई रोकने की कोशिश की, तो अमेरिका उसे 20 गुना ज्यादा भीषण तरीके से मारेगा। ट्रंप ने धमकी दी थी कि वे ईरान को एक राष्ट्र के रूप में दोबारा खड़ा होने लायक भी नहीं छोड़ेंगे। ईरान ने इस बयान को अपनी संप्रभुता पर सीधा प्रहार माना है।

2. होर्मुज जलडमरूमध्य पर वर्चस्व की लड़ाई

ईरान ने संकेत दिया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग (होर्मुज) को बंद कर सकता है। ट्रंप की धमकी इसी कदम को रोकने के लिए थी। ईरान का मानना है कि ट्रंप केवल ‘मनोवैज्ञानिक युद्ध’ (Psychological Warfare) खेल रहे हैं और जमीनी हकीकत में अमेरिका एक और लंबे युद्ध को झेलने की स्थिति में नहीं है।

3. व्यक्तिगत निशाना बनाए जाने का डर

ईरान का यह “खुद खत्म होने” वाला कटाक्ष ट्रंप के उन बयानों का जवाब भी हो सकता है, जिसमें उन्होंने पहले कहा था कि वे जानते हैं कि ईरान का नेतृत्व कहाँ छिपा है। ईरान यह जताना चाहता है कि उनके पास भी अमेरिका के भीतर या उसके सहयोगियों के खिलाफ ‘सीक्रेट ऑपरेशंस’ करने की क्षमता है।

युद्ध के मैदान की ताजा स्थिति (10 मार्च, 2026)

* सबसे भीषण हमला: आज के दिन को पेंटागन ने अब तक का सबसे “तीव्र हमलों वाला दिन” बताया है, जिसमें तेहरान पर भारी बमबारी हुई है।

* ईरान का पलटवार: जवाब में ईरान ने आज दुबई, रियाद और तेल अवीव की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।

* रूस की एंट्री: इसी तनाव के बीच रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने ट्रंप से बात की है और मध्यस्थता की पेशकश की है, जिसे ईरान ने फिलहाल “दुश्मन को सबक सिखाने” तक टाल दिया है।

ईरान की इस धमकी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह झुकने के मूड में नहीं है और यह जंग केवल सीमाओं तक सीमित न रहकर अब नेतृत्व की व्यक्तिगत लड़ाई बनती जा रही है।

 

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