अन्तर्राष्ट्रीय

मिडिल ईस्ट महासंग्राम: 11 दिन, 4300 से ज्यादा मौतें; ट्रंप का ईरान को ’20 गुना विनाश’ का अल्टीमेटम

अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच छिड़े इस भीषण महायुद्ध को आज (10 मार्च, 2026) 11 दिन पूरे हो चुके हैं। 28 फरवरी को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के साथ शुरू हुई यह जंग अब तक की सबसे विनाशकारी मानवीय त्रासदियों में से एक बन चुकी है।

यहाँ पिछले 11 दिनों के मौतों के आंकड़े और आज के बड़े घटनाक्रम का पैराग्राफ में विवरण दिया गया है:

11 दिनों का खूनी हिसाब: मौतों के आंकड़े

विभिन्न अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों (जैसे Reuters, AFP) और मानवाधिकार संगठनों (HRANA, Hengaw) के अनुसार, इस जंग ने अब तक 4,300 से अधिक लोगों की जान ले ली है। सबसे भीषण तबाही ईरान में हुई है, जहाँ आधिकारिक और स्वतंत्र आंकड़ों के अनुसार 1,330 से 3,900 के बीच लोग मारे गए हैं। इनमें एक बड़ा हिस्सा ईरानी सैन्य बलों (IRGC) का है, लेकिन नागरिकों की मौत का आंकड़ा भी डराने वाला है। विशेष रूप से होर्मोज़्गान प्रांत के मीनाब में एक प्राथमिक स्कूल पर हुई मिसाइल स्ट्राइक में 175 स्कूली छात्राओं और स्टाफ की मौत ने दुनिया को झकझोर दिया है।

वहीं, लेबनान में इस्राइली हवाई हमलों के कारण मरने वालों की संख्या 500 के करीब पहुँच गई है। इस्राइल में अब तक 14 से 20 नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि ईरान के जवाबी हमलों में 6 से 9 अमेरिकी सैनिक (कुवैत और खाड़ी क्षेत्रों में) मारे जा चुके हैं। इराक, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), और बहरीन जैसे पड़ोसी देशों में भी छिटपुट हमलों में दर्जनों मौतें दर्ज की गई हैं।

आज (10 मार्च, 2026) क्या-क्या हुआ?

* हमलों का सबसे तीव्र दिन: अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने घोषणा की है कि आज का दिन ईरान के खिलाफ “सबसे तीव्र हमलों” का दिन है। अमेरिकी और इस्राइली वायुसेना ने तेहरान, इस्फ़हान और कोम (Qom) सहित 160 से अधिक शहरों में सैन्य और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया है।

* ट्रंप का अल्टीमेटम: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि यदि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से वैश्विक तेल की आपूर्ति रोकने की कोशिश की, तो अमेरिका उस पर “20 गुना ज्यादा भीषण” प्रहार करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जंग “पूर्णता की ओर” है, लेकिन वे “अंतिम विजय” तक नहीं रुकेंगे।

* दूतावासों का पलायन: सुरक्षा खतरों को देखते हुए नीदरलैंड, डेनमार्क, स्पेन और इटली जैसे कई यूरोपीय देशों ने तेहरान से अपने दूतावास बंद कर दिए हैं और स्टाफ को अजरबैजान (बाकू) शिफ्ट कर दिया है।

* नया ईरानी नेतृत्व: ईरान में सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई ने कमान संभाल ली है और उन्होंने “अंतिम सांस तक प्रतिरोध” जारी रखने का संकल्प लिया है।

* वैश्विक प्रभाव: जंग के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी अस्थिरता देखी जा रही है। रूस ने इस संघर्ष में मध्यस्थता की पेशकश की है, लेकिन फिलहाल युद्ध विराम की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है।

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