UN में भारत का ‘रौद्र रूप’: “आतंकवाद की फैक्टरी है पाकिस्तान”, रमजान में अफगानिस्तान पर हमलों को लेकर सरेआम धोया
UN में भारत का ‘रौद्र रूप’: “आतंकवाद की फैक्टरी है पाकिस्तान”, रमजान में अफगानिस्तान पर हमलों को लेकर सरेआम धोया
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान के दोहरे चरित्र और आतंकवाद को पनाह देने की उसकी नीति को पूरी दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है। ‘शांति और सुरक्षा’ पर आयोजित एक उच्च स्तरीय चर्चा के दौरान, भारतीय प्रतिनिधि ने पाकिस्तान को “आतंकवाद का केंद्र” बताते हुए उसे जमकर फटकार लगाई।
विशेष रूप से, रमजान के पवित्र महीने के दौरान अफगानिस्तान में हुए हालिया हमलों में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) की कथित संलिप्तता को लेकर भारत ने बेहद कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया।
भारत के प्रहार: मुख्य बिंदु
* “आतंकवाद का इकोसिस्टम”: भारत की स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ‘शांति’ की बात करता है, लेकिन अपने घर में आतंकवादियों को सरकारी संरक्षण देता है। उन्होंने पाकिस्तान को “आतंकवाद का पालने वाला” करार दिया।
* रमजान में अफगानिस्तान पर हमले: भारत ने अफगानिस्तान के खोस्त और पक्तिका प्रांतों में हुए हालिया हवाई हमलों और बमबारी का मुद्दा उठाया। भारत ने कहा, “यह विडंबना है कि रमजान जैसे पवित्र समय में भी एक देश अपने पड़ोसी के निर्दोष नागरिकों पर हमले कर रहा है। अफगानिस्तान में अस्थिरता फैलाने के पीछे पाकिस्तान का हाथ स्पष्ट है।”
* OSAMA-2.0 का डर: भारत ने चेतावनी दी कि यदि दुनिया ने पाकिस्तान की हरकतों को नजरअंदाज किया, तो वह दिन दूर नहीं जब अल-कायदा और लश्कर जैसे संगठन फिर से वैश्विक शांति के लिए बड़ा खतरा बन जाएंगे।
* अल्पसंख्यकों का मुद्दा: भारत ने पाकिस्तान में सिखों, हिंदुओं और ईसाइयों के खिलाफ हो रहे मानवाधिकार उल्लंघनों का भी जिक्र किया और कहा कि जो देश अपने नागरिकों को सुरक्षा नहीं दे सकता, उसे दूसरों को सलाह देने का कोई हक नहीं है।
अफगानिस्तान में पाकिस्तान की कार्रवाई पर घेरा
पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तान ने सीमा पार ‘आतंकवाद विरोधी अभियान’ के नाम पर अफगानिस्तान के अंदर कई हवाई हमले किए हैं। तालिबान प्रशासन ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। भारत ने UN में इसी का समर्थन करते हुए कहा कि पाकिस्तान की ये हरकतें क्षेत्र में ‘राज्य-प्रायोजित आतंकवाद’ का नया रूप हैं।
पाकिस्तान का ‘विक्टिम कार्ड’ फेल
पाकिस्तानी प्रतिनिधि ने कश्मीर का मुद्दा उठाकर बचाव करने की कोशिश की, जिसे भारत ने “पुरानी और घिसी-पिटी रणनीति” बताकर खारिज कर दिया। भारत ने दोटूक कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और रहेगा; पाकिस्तान को अपनी ऊर्जा सीमा पार आतंकवाद रोकने में लगानी चाहिए।
वैश्विक प्रतिक्रिया
भारत के इस आक्रामक रुख को फ्रांस और अमेरिका जैसे देशों का भी परोक्ष समर्थन मिला है। कई देशों ने माना कि अफगानिस्तान की शांति के लिए पाकिस्तान की भूमिका संदेहास्पद रही है।
