किम यो जोंग की ट्रंप को दोटूक: “कोरियाई सीमा पर कदम भी रखा तो भुगतना होगा अंजाम, हमें मत उकसाओ”
उत्तर कोरिया की ‘पावरफुल’ महिला और किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने एक बार फिर अपने तीखे तेवरों से अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में आक्रामक रुख अपनाने और कोरियाई प्रायद्वीप में अमेरिकी सेना की बढ़ती हलचल के बीच उत्तर कोरिया ने सीधा अल्टीमेटम जारी किया है।
किम यो जोंग की ट्रंप को दोटूक: “कोरियाई सीमा पर कदम भी रखा तो भुगतना होगा अंजाम, हमें मत उकसाओ”
उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन की प्रभावशाली बहन और मुख्य नीति निर्धारक किम यो जोंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है। प्योंगयांग से जारी एक आधिकारिक बयान में उन्होंने अमेरिका को आगाह किया है कि वे उत्तर कोरिया की धैर्य की सीमा की परीक्षा न लें। यह बयान तब आया है जब अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ मिलकर एक बड़े सैन्य अभ्यास की घोषणा की है और इस क्षेत्र में अतिरिक्त लड़ाकू विमान तैनात किए हैं।
“आग से न खेलें ट्रंप”
किम यो जोंग ने अपने कड़े शब्दों वाले बयान में कहा:
“ट्रंप प्रशासन को यह गलतफहमी नहीं होनी चाहिए कि वे दुनिया के हर कोने में अपनी दादागिरी चला सकते हैं। अगर अमेरिकी सेना ने हमारी सीमाओं के करीब अपनी मौजूदगी बढ़ाई या हमें उकसाने की कोशिश की, तो हमारा जवाब इतना भीषण होगा कि वाशिंगटन को संभलने का मौका भी नहीं मिलेगा।”
विवाद की मुख्य वजह: अमेरिकी सेना की तैनाती
हाल के दिनों में कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ने के पीछे तीन बड़े कारण हैं:
* परमाणु वाहक पोत की एंट्री: अमेरिका ने अपना परमाणु ऊर्जा से चलने वाला विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) दक्षिण कोरिया के बुसान बंदरगाह पर तैनात किया है।
* ट्रंप का ‘मिडिल ईस्ट मॉडल’: ईरान में ट्रंप की हालिया सैन्य कार्रवाई को देखते हुए उत्तर कोरिया को अंदेशा है कि अमेरिका अब एशिया में भी अपनी ताकत का प्रदर्शन कर सकता है।
* दक्षिण कोरिया के साथ ड्रिल: ‘फ्रीडम शील्ड’ नामक सैन्य अभ्यास के तहत अमेरिकी और दक्षिण कोरियाई सेनाएं उत्तर कोरियाई सीमा (DMZ) के बेहद करीब युद्धाभ्यास कर रही हैं।
उत्तर कोरिया की जवाबी तैयारी
किम यो जोंग के बयान के तुरंत बाद उत्तर कोरिया ने अपनी ‘ह्वासोंग-18’ (Hwasong-18) इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलों को रेडी-मोड पर डाल दिया है। सैन्य जानकारों का मानना है कि उत्तर कोरिया आने वाले 48 घंटों में एक बड़ा मिसाइल परीक्षण कर अमेरिका को अपनी ताकत का अहसास करा सकता है।
दक्षिण कोरिया और जापान में अलर्ट
* सियोल: दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा है कि वे उत्तर कोरिया की हर हरकत पर नजर रख रहे हैं और किसी भी उकसावे का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
* टोक्यो: जापान ने अपने ‘एजिस’ (Aegis) मिसाइल डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है।
ट्रंप का संभावित रुख
डोनाल्ड ट्रंप, जो अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत उत्तर कोरिया के साथ पहले भी बातचीत और धमकियों का मिला-जुला खेल खेल चुके हैं, ने फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि, व्हाइट हाउस के सूत्रों का कहना है कि ट्रंप “किसी भी खतरे को हल्के में नहीं लेंगे।”
