UPSC Result Controversy: रैंक 301 पर असली ‘आकांक्षा’ कौन? आयोग ने खत्म किया सस्पेंस
UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम के बाद ‘आकांक्षा’ नाम की दो युवतियों के बीच रैंक 301 को लेकर उपजा विवाद अब पूरी तरह साफ हो गया है। यूपीएससी (UPSC) ने दस्तावेजों की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट कर दी है।
UPSC Result Controversy: रैंक 301 पर असली ‘आकांक्षा’ कौन? आयोग ने खत्म किया सस्पेंस
UPSC 2025 के नतीजों में रॉल नंबर 5800… (काल्पनिक संदर्भ) और रैंक 301 को लेकर दो दावेदार सामने आने से हड़कंप मच गया था। उत्तर प्रदेश और बिहार की दो ‘आकांक्षा’ ने एक ही रैंक और एक ही रॉल नंबर पर अपनी दावेदारी पेश की थी, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।
कैसे सुलझा यह विवाद?
आयोग ने दोनों अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, मुख्य परीक्षा के अटेंडेंस शीट और इंटरव्यू के रिकॉर्ड्स का मिलान किया। जांच में पाया गया कि:
* असली दावेदार: जाँच के बाद आकांक्षा (वाराणसी, यूपी) की दावेदारी को सही पाया गया है। उनके पास मौजूद सभी मूल दस्तावेज, रॉल नंबर और क्यूआर कोड (QR Code) आयोग के डेटाबेस से पूरी तरह मैच हुए।
* दूसरी दावेदार का क्या हुआ? दूसरी अभ्यर्थी (आकांक्षा, बिहार) के एडमिट कार्ड में तकनीकी हेरफेर या ‘फोटोशॉप’ की आशंका जताई गई है। आयोग ने पाया कि उनके द्वारा पेश किया गया रॉल नंबर वास्तव में उनका नहीं था, बल्कि उन्होंने चयनित अभ्यर्थी के स्कोरकार्ड में अपना नाम एडिट कर दिया था।
प्रमुख बिंदु: जो आपको जानना चाहिए
* फर्जीवाड़े पर सख्ती: UPSC ने स्पष्ट किया है कि गलत तरीके से चयन का दावा करना ‘धोखाधड़ी’ की श्रेणी में आता है। ऐसी स्थिति में अभ्यर्थी पर भविष्य की सभी परीक्षाओं के लिए प्रतिबंध (Debar) लगाया जा सकता है और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
* एडमिट कार्ड की सुरक्षा: आयोग ने उम्मीदवारों को सलाह दी है कि वे अपना रॉल नंबर और एडमिट कार्ड सोशल मीडिया पर सार्वजनिक न करें, क्योंकि इसका गलत इस्तेमाल कर भ्रामक खबरें फैलाई जा सकती हैं।
विवाद का कारण: एक ही नाम और रॉल नंबर का भ्रम
अक्सर ऐसे मामलों में देखा गया है कि अभ्यर्थी समान नाम होने का फायदा उठाकर सुर्खियां बटोरने या कोचिंग संस्थानों से लाभ लेने के लिए ऐसा करते हैं। इससे पहले भी यूपीएससी की परीक्षाओं में रैंक 44 और रैंक 184 को लेकर ऐसे ‘समान नाम’ वाले विवाद सामने आ चुके हैं।
निष्कर्ष: अब यह आधिकारिक रूप से स्पष्ट है कि रैंक 301 पर वाराणसी की आकांक्षा का ही चयन हुआ है। प्रशासन ने दूसरी अभ्यर्थी के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं।
