उत्तराखंड

उत्तराखंड बजट सत्र 2026: भराड़ीसैंण में शुरू हुआ सत्र, राज्यपाल का अभिभाषण, कांग्रेस का हंगामा और सत्र अवधि बढ़ाने की मांग

उत्तराखंड बजट सत्र 2026: भराड़ीसैंण में शुरू हुआ सत्र, राज्यपाल का अभिभाषण, कांग्रेस का हंगामा और सत्र अवधि बढ़ाने की मांग

गैरसैंण: उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत आज (9 मार्च 2026) भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा परिसर में हुई। सत्र की शुरुआत पारंपरिक मंत्रोच्चारण और फूलों से सजे विधानसभा भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) के अभिभाषण से हुई। राज्यपाल का विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूरी द्वारा स्वागत किया गया।

राज्यपाल के अभिभाषण में राज्य सरकार की उपलब्धियों, विकास योजनाओं और आगामी बजट की रूपरेखा पर जोर दिया गया। अभिभाषण के बाद सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट है।

विपक्ष का तीखा विरोध और प्रदर्शन

सत्र शुरू होने से पहले ही विपक्षी कांग्रेस ने सरकार पर प्रोटोकॉल उल्लंघन और परंपराओं से खिलवाड़ का आरोप लगाया। कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर के बाहर हाथों में पट्टिकाएं लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल प्रमुख विधायक थे:

प्रीतम सिंह (वरिष्ठ विधायक)

भुवन कापड़ी

हरीश धामी

मनोज तिवारी

अनुपमा रावत

कांग्रेस विधायकों का मुख्य आरोप यह है कि सरकार ने सत्र की अवधि पहले से तय कर दी है और सभी पक्षों से चर्चा नहीं की गई। उनका कहना है कि सामान्यतः सत्र की अवधि और एजेंडे पर सभी दलों से सहमति ली जाती है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।

कांग्रेस के प्रमुख आरोप

सत्र की छोटी अवधि से जनता से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा नहीं हो पाएगी।

महंगाई, बेरोजगारी, पलायन, रोजगार और विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन बहस की जरूरत है।

प्रश्नकाल में विधायकों के कई अहम सवाल उठाए जाने थे, लेकिन सीमित समय के कारण वे दब जाएंगे।

सरकार के पास ठोस एजेंडा नहीं है, इसलिए सत्र को छोटा रखकर मुद्दों से बचने की कोशिश की जा रही है।

वरिष्ठ कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कहा, “सरकार बचकर भागने की कोशिश कर रही है। हम ऐसा होने नहीं देंगे। प्रदेश के लोग महंगाई, बेरोजगारी और पलायन से परेशान हैं—इन मुद्दों पर खुली चर्चा होनी चाहिए।”

सत्र की अवधि और आगे की कार्यवाही

विधानसभा सचिवालय के अनुसार, बजट सत्र 9 से 13 मार्च 2026 तक चलेगा। आज बजट पेश होने के बाद कार्यवाही कल (10 मार्च) तक के लिए स्थगित कर दी गई है। कल से बजट पर विस्तृत चर्चा, कटौती प्रस्ताव और मतदान की प्रक्रिया शुरू होगी।

विपक्ष ने सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की है, लेकिन सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। सत्ता पक्ष का कहना है कि सत्र की अवधि पर्याप्त है और सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

राजनीतिक मायने

बजट सत्र की शुरुआत से ही सियासी तल्खी साफ दिख रही है। कांग्रेस इसे सरकार की “बचकानी राजनीति” बता रही है, जबकि भाजपा इसे “विकास-केंद्रित सत्र” करार दे रही है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सत्र के दौरान कौन-कौन से मुद्दे उठते हैं और सदन में कितनी तीखी बहस होती है।

यह बजट उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले धामी सरकार की बड़ी कवायद मानी जा रही है।

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