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तेहरान में तेल रिफाइनरी पर हमले से भड़का ईरान: ‘यह जानबूझकर नागरिक सुविधाओं पर हमला है, पर्यावरण को भारी नुकसान’

तेहरान में तेल रिफाइनरी पर हमले से भड़का ईरान: ‘यह जानबूझकर नागरिक सुविधाओं पर हमला है, पर्यावरण को भारी नुकसान’

ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के बीच तेहरान में तेल रिफाइनरी और स्टोरेज सुविधाओं पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों से ईरान भड़क गया है। 7-8 मार्च 2026 की रात को Tondgouyan और Shahran ऑयल रिफाइनरी/डिपो पर हमले से भारी आग लगी, काला धुआं छाया और जहरीली बारिश हुई। ईरानी राज्य मीडिया ने इसे “नागरिक सुविधाओं पर जानबूझकर हमला” करार दिया, जिससे पर्यावरण और जलवायु को गंभीर नुकसान पहुंचा है।

ईरान का बयान क्या है?

IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स) ने कहा कि यह हमला “जानबूझकर” (intentional) है, जो ईरान के सैन्य-औद्योगिक कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाने के बहाने किया गया। उन्होंने इसे पर्यावरण अपराध बताया और जवाबी कार्रवाई का ऐलान किया।

IRGC ने तुरंत इजरायल के हैफा रिफाइनरी (Haifa refinery) पर Kheibar Shekan मिसाइल से हमला किया, इसे “तेहरान हमले का सीधा जवाब” बताया।

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा: “यह हमला नागरिक सुविधाओं पर है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। हम जवाब देंगे और अमेरिका-इजरायल को कीमत चुकानी पड़ेगी।”

राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पहले पड़ोसी देशों पर हमलों के लिए माफी मांगी थी, लेकिन हार्डलाइनरों के दबाव में अब सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि “अमेरिका-इजरायल ईरान को तोड़ना और उसके तेल पर कब्जा करना चाहते हैं।”

हमले की डिटेल्स

इजरायल ने Tondgouyan (शहर रे में, तेहरान प्रांत) और Shahran रिफाइनरी (तेहरान सिटी) को निशाना बनाया। ये सुविधाएं तेहरान के लिए ईंधन सप्लाई करती हैं।

अतिरिक्त हमले Karaj (अल्बोर्ज प्रांत) और तेहरान सिटी के अन्य डिपो पर।

आग से काला धुआं और जहरीली बारिश—तेहरान में बिजली कटौती बढ़ सकती है, क्योंकि ईरान पहले से एनर्जी संकट झेल रहा है।

वर्तमान स्थिति

ईरान ने खाड़ी देशों (बहरीन, सऊदी, कतर आदि) पर हमले जारी रखे हैं, जिससे तेल कीमतें $105+ पर पहुंच गईं।

सऊदी अरब ने पहले चेतावनी दी कि अरब देशों पर हमले जारी रहे तो ईरान को “बड़ा नुकसान” होगा।

युद्ध अब एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है।

ईरान का यह बयान जवाबी हमलों को और तेज करने का संकेत है। स्थिति तेजी से बदल रही है—कोई भी नया हमला तेल बाजार को और उछाल सकता है।

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