राज्यसभा चुनाव 2026: 10 राज्यों की 37 सीटों पर घमासान, आज नाम वापसी का आखिरी दिन—कई जगह निर्विरोध जीत तय
राज्यसभा चुनाव 2026: 10 राज्यों की 37 सीटों पर घमासान, आज नाम वापसी का आखिरी दिन—कई जगह निर्विरोध जीत तय
नई दिल्ली: राज्यसभा की द्विवार्षिक चुनाव प्रक्रिया में आज (9 मार्च 2026) नाम वापसी की अंतिम तिथि है। चुनाव आयोग ने 10 राज्यों की कुल 37 सीटों के लिए मतदान 16 मार्च 2026 को तय किया है, जहां इन सीटों के सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है। नामांकन 5 मार्च तक दाखिल हुए, जिसमें कुल 39 उम्मीदवारों (37 पार्टी उम्मीदवार + 2 निर्दलीय) ने भाग लिया, लेकिन कई जगहों पर निर्विरोध (unopposed) जीत तय हो गई है।
किन 10 राज्यों में चुनाव? (सीटों की संख्या के साथ)
महाराष्ट्र: 7 सीटें
तमिलनाडु: 6 सीटें
बिहार: 5 सीटें
पश्चिम बंगाल: 5 सीटें
ओडिशा: 4 सीटें
असम: 3 सीटें
छत्तीसगढ़: 2 सीटें
हरियाणा: 2 सीटें
तेलंगाना: 2 सीटें
हिमाचल प्रदेश: 1 सीट
मुख्य उम्मीदवार और घमासान वाले राज्य
बिहार (5 सीटें): एनडीए मजबूत स्थिति में। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (जदयू), बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन, रामनाथ ठाकुर (जदयू), उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएम), और शिवेश कुमार (बीजेपी) ने नामांकन भरा। अमरेंद्र धारी सिंह (आरजेडी) विपक्ष की ओर से। एनडीए के पास विधानसभा में बहुमत, इसलिए क्लीन स्वीप की संभावना।
महाराष्ट्र (7 सीटें): सबसे ज्यादा सीटें दांव पर। शरद पवार (एनसीपी-एसपी) सहित कई बड़े नाम। महाराष्ट्र में एनडीए और महाविकास आघाड़ी के बीच कड़ी टक्कर।
तमिलनाडु (6 सीटें): डीएमके और एआईएडीएमके के बीच मुकाबला। एम. थंबिदुराई (एआईएडीएमके) और तिरुची शिवा (डीएमके) जैसे मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल खत्म।
पश्चिम बंगाल (5 सीटें): टीएमसी मजबूत, लेकिन बीजेपी ने राहुल सिंहा जैसे उम्मीदवार उतारे।
अन्य राज्य: छत्तीसगढ़, हरियाणा, तेलंगाना, ओडिशा, असम और हिमाचल में ज्यादातर निर्विरोध या आसान जीत की उम्मीद।
कुल स्थिति
कई सीटों पर उम्मीदवारों की संख्या कम होने से 26+ सीटें निर्विरोध जीत सकती हैं।
बाकी 11 सीटों पर चुनाव संभव, जहां क्रॉस वोटिंग या गठबंधन का खेल होगा।
एनडीए (बीजेपी+सहयोगी) मजबूत स्थिति में, जबकि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन सहयोगियों पर निर्भर।
प्रक्रिया याद दिलाएं
नाम वापसी: आज शाम तक।
मतदान: 16 मार्च को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक विधानसभा में।
गिनती: उसी दिन शाम 5 बजे से।
जीत के लिए: प्रत्येक राज्य में विधायकों की कुल संख्या के आधार पर कोटा (quota) तय, साधारण बहुमत से ज्यादा वोट चाहिए।
यह चुनाव राज्यसभा में एनडीए की ताकत बढ़ा सकता है, क्योंकि कई राज्यों में एनडीए का बहुमत मजबूत है। नाम वापसी के बाद स्थिति और साफ हो जाएगी—कई जगह बिना वोटिंग के सांसद चुने जा सकते हैं।
