बिना शर्त आत्मसमर्पण के अलावा ईरान के साथ कोई समझौता नहीं… जंग के बीच ट्रंप का सख्त ऐलान
बिना शर्त आत्मसमर्पण के अलावा ईरान के साथ कोई समझौता नहीं… जंग के बीच ट्रंप का सख्त ऐलान
वाशिंगटन: मिडिल ईस्ट में जारी महायुद्ध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सबसे सख्त चेतावनी दी है। शुक्रवार (6 मार्च 2026) को व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा, “ईरान के साथ कोई नेगोशिएशन नहीं होगा, कोई डील नहीं होगी, कोई समझौता नहीं होगा – जब तक वे बिना शर्त आत्मसमर्पण (unconditional surrender) नहीं करते। हम उनकी रेजिम को पूरी तरह खत्म करने के लिए तैयार हैं।”
ट्रंप ने आगे कहा, “खामेनेई मर चुका है, उनका बंकर तबाह हो चुका है, उनकी कमांड सिस्टम चूर-चूर हो गई है। अब अगर ईरान के बचे-खुचे लीडर्स समझदारी दिखाते हैं और आत्मसमर्पण कर देते हैं, तो हम युद्ध खत्म कर सकते हैं। लेकिन अगर वे एक भी मिसाइल दागते हैं, तो हम तेहरान को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर देंगे। अमेरिका कभी कमजोर नहीं दिखेगा।”
ऐलान के मुख्य बिंदु:
बिना शर्त आत्मसमर्पण: ईरान को अपनी सभी मिलिट्री, न्यूक्लियर और प्रॉक्सी फोर्सेस (हिजबुल्लाह, हूती, हमास आदि) को तुरंत समर्पण करना होगा।
कोई नेगोशिएशन नहीं: ट्रंप ने साफ कहा कि JCPOA (2015 न्यूक्लियर डील) जैसी कोई नई डील नहीं होगी।
रेजिम चेंज का संकेत: ट्रंप ने कहा, “ईरानी लोग अच्छे हैं, लेकिन उनकी रेजिम उन्हें बर्बाद कर रही है। हम नई लीडरशिप के लिए रास्ता साफ कर रहे हैं।”
अमेरिकी तैयारी: अमेरिका ने पेंटागन को “पूर्ण स्केल ऑपरेशन” के लिए ऑर्डर दिए हैं। 2 एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप्स (USS Abraham Lincoln और USS Dwight D. Eisenhower) पहले से होर्मुज स्ट्रेट के पास तैनात हैं।
युद्ध की वर्तमान स्थिति (7वें दिन):
इजरायल ने 50 फाइटर जेट्स से खामेनेई के अंडरग्राउंड बंकर को पूरी तरह तबाह किया।
ईरान ने जवाब में इजरायल पर क्लस्टर बॉम्ब्स और बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल में 1,500+ रॉकेट अटैक किए।
हूतियों ने लाल सागर में अमेरिकी जहाजों पर हमले तेज किए।
तेहरान, बेरूत और सना में भारी तबाही – कुल मौतें 3,500+ पार।
तेल कीमतें 155 डॉलर प्रति बैरल के पार, वैश्विक मार्केट में हाहाकार।
ट्रंप का यह बयान युद्ध को और तेज करने वाला हो सकता है। ईरान की ओर से अभी कोई आधिकारिक जवाब नहीं आया है, लेकिन ईरानी मीडिया ने इसे “अमेरिकी धमकी” बताया है। रूस और चीन ने अमेरिका-इजरायल पर “आक्रामकता” का आरोप लगाया है।
भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि “मिडिल ईस्ट में हालात और कठिन हो रहे हैं, भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा पर नजर रख रहा है।”
क्या ईरान आत्मसमर्पण करेगा या युद्ध और लंबा चलेगा? दुनिया की निगाहें तेहरान और वाशिंगटन पर टिकी हैं।
