महाराष्ट्र से शरद पवार महाविकास आघाड़ी के राज्यसभा उम्मीदवार बन सकते हैं—उद्धव ठाकरे के तेवर नरम, MVA में सीट पर सहमति की उम्मीद!
महाराष्ट्र से शरद पवार महाविकास आघाड़ी के राज्यसभा उम्मीदवार बन सकते हैं—उद्धव ठाकरे के तेवर नरम, MVA में सीट पर सहमति की उम्मीद!
मुंबई: महाराष्ट्र में राज्यसभा की सात सीटों के लिए 16 मार्च 2026 को होने वाले चुनाव से पहले महाविकास आघाड़ी (MVA) में बड़ा ट्विस्ट आया है। शरद पवार (NCP-SP) के राज्यसभा से फिर चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर करने के बाद उद्धव ठाकरे (शिवसेना UBT) के तेवर नरम पड़ गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, MVA की एकमात्र संभावित जीत वाली सीट (क्योंकि एनडीए को 6 सीटें लगभग तय) पर अब शरद पवार को उम्मीदवार बनाने की संभावना मजबूत हो गई है।
महाराष्ट्र विधानसभा में MVA के पास कुल विधायकों की संख्या (शिवसेना UBT: 20, कांग्रेस: 16, NCP-SP: 10) के आधार पर सिर्फ एक सीट संभव है। शुरुआत में शिवसेना UBT और कांग्रेस ने इस सीट पर दावा ठोंका था—उद्धव गुट प्रियंका चतुर्वेदी को दोबारा भेजना चाहता था, जबकि कांग्रेस अपना प्रत्याशी चाहती थी। लेकिन शरद पवार के नाम पर चर्चा तेज होने के बाद उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे ने नरम रुख अपनाया।
क्या हुआ विकास?
शरद पवार ने पहले राज्यसभा से संन्यास की बात कही थी, लेकिन हालिया बैठक में उन्होंने इच्छा जताई कि अनुभव और राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव बनाए रखने के लिए वे फिर जाना चाहते हैं।
शिवसेना UBT के नेता संजय राउत ने पहले शरद पवार का समर्थन किया था, लेकिन बाद में दावा मजबूत किया। अब जयंत पाटील और उद्धव ठाकरे के बीच चर्चा के बाद उद्धव गुट ने संकेत दिए कि वे शरद पवार को प्राथमिकता दे सकते हैं।
कांग्रेस ने भी बैठक में सहमति जताई है कि बड़े नेता को मौका मिलना चाहिए।
अगर शरद पवार उम्मीदवार बने, तो MVA एकजुट होकर उन्हें जिता सकती है। अन्यथा, अगर विवाद बढ़ा तो सीट खाली रह सकती है या क्रॉस वोटिंग का खेल हो सकता है।
राज्यसभा में शरद पवार का कार्यकाल अप्रैल 2026 में खत्म हो रहा है। अगर वे फिर चुने गए, तो NCP-SP का उच्च सदन में प्रतिनिधित्व बनेगा, वरना पार्टी सांसदविहीन हो सकती है। उद्धव ठाकरे के नरम तेवर से MVA में एकता की उम्मीद बढ़ी है, लेकिन अंतिम फैसला अगले कुछ दिनों में नामांकन से पहले होगा।
यह फैसला MVA की एकता और 2029 विधानसभा चुनावों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। सियासी हलकों में अब शरद पवार का नाम सबसे मजबूत दावेदार के रूप में उभर रहा है!
