अफगानियों ने फिर खोद दिया PAK का नूर खान बेस—तालिबान की ड्रोन स्ट्राइक से रावलपिंडी में हड़कंप, ऑपरेशन सिंदूर के बाद मरम्मत चल रही थी, अब फिर तबाही!
अफगानियों ने फिर खोद दिया PAK का नूर खान बेस—तालिबान की ड्रोन स्ट्राइक से रावलपिंडी में हड़कंप, ऑपरेशन सिंदूर के बाद मरम्मत चल रही थी, अब फिर तबाही!
इस्लामाबाद/काबुल: पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर तनाव अब खुले युद्ध में बदल गया है। अफगान तालिबान ने आज (2 मार्च 2026) सुबह पाकिस्तान के सबसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिसमें रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस सबसे बड़ा निशाना बना। तालिबान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उनकी एयर फोर्स ने ‘ऑपरेशन ग़ज़ब लिल हक’ के तहत प्रेसिजन ड्रोन और एरियल स्ट्राइक्स से नूर खान बेस, क्वेटा की 12वीं डिवीजन हेडक्वार्टर, मोहमंद एजेंसी का ख्वाजाई कैंप और अन्य कई मिलिट्री साइट्स को तबाह कर दिया।
नूर खान एयरबेस—पाकिस्तान एयर फोर्स का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और रावलपिंडी में स्थित—पिछले साल मई में भारत के ऑपरेशन सिंदूर में भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ था। तब से यहां मरम्मत का काम चल रहा था, लेकिन तालिबान की इस नई स्ट्राइक ने सब कुछ फिर से उजाड़ दिया। अफगान डिफेंस मिनिस्ट्री के मुताबिक, हमलों में भारी नुकसान हुआ—रनवे, अम्यूनिशन डिपो और कई सुविधाएं तबाह। कुछ रिपोर्ट्स में 32 से ज्यादा पाक सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है, जबकि पाकिस्तान ने अभी तक आधिकारिक मौतों की पुष्टि नहीं की।
क्यों हुआ हमला?
तालिबान का कहना है कि यह पाकिस्तान की हालिया एयरस्ट्राइक्स का जवाब है, जिसमें काबुल, बगराम, कंधार और हिबतुल्लाह अखुंदजादा के ठिकानों को निशाना बनाया गया था। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर TTP और ISKP जैसे ग्रुप्स को शेल्टर देने का आरोप लगाया है। पाकिस्तान ने जवाब में ‘ओपन वॉर’ की घोषणा कर दी है—ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अब कोई संकोच नहीं। दोनों तरफ से क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग और ड्रोन अटैक्स चौथे दिन भी जारी हैं।
नूर खान बेस की खासियत:
रावलपिंडी के चाकलाला इलाके में स्थित, पाक एयर फोर्स का प्रमुख बेस।
न्यूक्लियर कमांड और कंट्रोल से जुड़ा माना जाता है।
भारत के ऑपरेशन सिंदूर में भी टारगेट हुआ था, जहां से मरम्मत अभी पूरी नहीं हुई थी।
अब तालिबान की ड्रोन स्ट्राइक से रनवे और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर फिर से डैमेज।
पाकिस्तान की तरफ से अभी तक कोई वीडियो या पुष्टि नहीं आई, लेकिन सोशल मीडिया पर अफगान एयर फोर्स के शेयर किए वीडियो वायरल हैं, जिसमें ड्रोन अटैक दिख रहे हैं। पाक मीडिया में इसे ‘तालिबान का बदला’ बताया जा रहा है, जबकि अफगानिस्तान इसे ‘प्रेसिजन ऑपरेशन’ कह रहा है।
यह हमला पाकिस्तान के लिए दोहरी मार है—एक तरफ अफगानिस्तान से, दूसरी तरफ TTP जैसे ग्रुप्स से। क्षेत्रीय तनाव अब चरम पर है, और दोनों देशों में हाई अलर्ट जारी है। क्या यह युद्ध और बड़ा रूप लेगा? फिलहाल, नूर खान बेस फिर से ‘खोदा’ गया है, और पाकिस्तान की सेना दो मोर्चों पर जूझ रही है।
