भारत-इजरायल संबंधों में नया अध्याय: 27 समझौतों पर हस्ताक्षर, ड्रोन से AI शिक्षा तक बड़े सहयोग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल की दो दिवसीय राजकीय यात्रा (25-26 फरवरी 2026) के दौरान भारत और इजरायल ने संबंधों को ‘विशेष रणनीतिक साझेदारी’ (Special Strategic Partnership) का दर्जा दिया। दोनों देशों के बीच 27 महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर हुए, जो रक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि, शिक्षा, AI, साइबर सुरक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं।
पीएम मोदी और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में मोदी ने कहा, “हमने समय की कसौटी पर खरे उतरे रिश्तों को विशेष रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया है। आतंकवाद का दुनिया में कोई स्थान नहीं है और हम इसके खिलाफ मिलकर लड़ेंगे।”
मुख्य समझौतों और हाइलाइट्स:
रक्षा और सुरक्षा सहयोग: संयुक्त विकास, उत्पादन और तकनीक ट्रांसफर पर फोकस। ड्रोन (सिविलियन और मिलिट्री), एंटी-ड्रोन सिस्टम, मिसाइल डिफेंस (आयरन डोम, आयरन बीम जैसे), स्पाइस गाइडेड बम, रैम्पेज मिसाइल और AI-इंटीग्रेटेड डिफेंस टेक्नोलॉजी पर बड़े समझौते। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत संयुक्त उत्पादन बढ़ेगा। रक्षा क्षेत्र में 8-10 अरब डॉलर की संभावित डील्स की चर्चा।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उभरती तकनीक: AI, क्वांटम कंप्यूटिंग और क्रिटिकल मिनरल्स में साझेदारी। AI का उपयोग शिक्षा में ‘प्रिसिजन एजुकेशन’ के लिए (व्यक्तिगत सीखने के लिए), साइबर सुरक्षा, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और नवाचार में सहयोग।
शिक्षा क्षेत्र: AI के माध्यम से शिक्षा को आगे बढ़ाने पर MoU। इजरायल की एडवांस्ड सॉफ्टवेयर और AI टूल्स से भारतीय छात्रों को बेहतर, व्यक्तिगत शिक्षा मिलेगी।
कृषि और नवाचार: सिविलियन ड्रोन का उपयोग, सैटेलाइट डेटा, सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन, कीट नियंत्रण, ग्रीनहाउस कल्टीवेशन और एडवांस्ड एग्री टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर समझौते। भारत में पहले से चल रहे सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस को और मजबूत किया जाएगा।
अन्य प्रमुख क्षेत्र: UPI के जरिए फाइनेंशियल कनेक्टिविटी (इजरायल में UPI उपयोग संभव), फिशरीज, संस्कृति, जियोसाइंस, लोथल मैरीटाइम म्यूजियम, ऊर्जा, स्पेस और डिजिटल पेमेंट्स।
व्यापार और निवेश: फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति। पिछले साल नवंबर में ToR पर हस्ताक्षर के बाद अब तेजी आएगी। बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी, इंडिया-इजरायल इनोवेशन ब्रिज और इंडस्ट्रियल R&D फंड से आर्थिक सहयोग बढ़ेगा।
रणनीतिक महत्व: यह यात्रा मोदी की 9 साल बाद दूसरी इजरायल यात्रा है। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता जताई और IMEC (इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर) तथा I2U2 जैसे मल्टीलेटरल प्रोजेक्ट्स पर जोर दिया। रक्षा और AI में सहयोग से भारत की ‘रणनीतिक स्वायत्तता’ मजबूत होगी।
पीएम मोदी ने कहा, “टेक्नोलॉजी हमारी भावी साझेदारी का केंद्र है। हम मिलकर ग्रोथ, इनोवेशन और शेयर्ड प्रॉस्पेरिटी को बढ़ावा देंगे।”
ये समझौते दोनों देशों के बीच ‘पीस, इनोवेशन एंड प्रॉस्पेरिटी’ की साझेदारी को नई ऊंचाई देंगे।
