अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई की: बॉर्डर पर भारी गोलीबारी, तालिबान ने ‘बड़े पैमाने पर हमले’ का दावा
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर जवाबी कार्रवाई की: बॉर्डर पर भारी गोलीबारी, तालिबान ने ‘बड़े पैमाने पर हमले’ का दावा
काबुल/इस्लामाबाद: अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच ड्यूरैंड लाइन पर तनाव चरम पर पहुंच गया है। तालिबान प्रशासन ने पाकिस्तान की हालिया एयरस्ट्राइक्स के जवाब में पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले शुरू किए हैं। अफगानिस्तान के सैन्य अधिकारियों और तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने दावा किया है कि दुश्मन मुल्क पाकिस्तान के खिलाफ “बड़े पैमाने पर आक्रामक अभियान” (large-scale offensive operations) चलाए जा रहे हैं, जिसमें भारी गोलीबारी और हमले शामिल हैं।
मुख्य घटनाक्रम:
पाकिस्तान ने 22 फरवरी को अफगानिस्तान के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी प्रांतों (नंगरहार और पक्तिका) में एयरस्ट्राइक्स कीं, जिसमें टीटीपी (तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) और आईएस-खोरासान के कैंपों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान का दावा है कि इन हमलों में 70 से अधिक आतंकी मारे गए।
अफगानिस्तान ने इन हमलों को “नागरिकों पर हमला” बताया और कम से कम 13-18 नागरिकों (महिलाओं और बच्चों सहित) की मौत की पुष्टि की। संयुक्त राष्ट्र ने भी कम से कम 13 नागरिक मौतों की रिपोर्ट की।
26 फरवरी की रात को अफगान सैन्य कोर ने बयान जारी कर कहा कि पाकिस्तानी उकसावे के जवाब में ड्यूरैंड लाइन के साथ पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों और इंस्टॉलेशन्स पर हमले शुरू किए गए हैं। तालिबान ने इसे “बार-बार उकसावे का जवाब” बताया।
दोनों पक्षों से भारी क्रॉस-बॉर्डर फायरिंग की रिपोर्ट्स हैं, खासकर टोरखम, तिराह, शाहकोट, पक्तिया के दंड पाटन और अन्य सेक्टरों में। अफगानिस्तान का दावा है कि कई पाकिस्तानी पोस्ट्स पर हमले सफल रहे, जबकि पाकिस्तान ने इसे “अनप्रोवोक्ड फायरिंग” बताया और जवाबी कार्रवाई की।
दोनों पक्षों के दावे:
तालिबान प्रवक्ता: “पाकिस्तानी सेना के बार-बार विद्रोह और उकसावे के जवाब में ड्यूरैंड लाइन पर बड़े अभियान शुरू किए गए।”
पाकिस्तानी अधिकारी (प्रधानमंत्री के प्रवक्ता मोशर्रफ जायदी): अफगान तालिबान ने अनप्रोवोक्ड फायरिंग शुरू की, पाकिस्तानी सेना ने तुरंत और प्रभावी ढंग से जवाब दिया। आगे कोई उकसावा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह संघर्ष पिछले साल अक्टूबर के बड़े क्लैश के बाद सबसे गंभीर है, जब दोनों तरफ दर्जनों मौतें हुई थीं। दोनों देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंध हैं, जहां पाकिस्तान अफगानिस्तान पर टीटीपी को शेल्टर देने का आरोप लगाता है, जबकि काबुल इसे पाकिस्तान का आंतरिक मामला बताता है।
स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और आगे बढ़ सकती है।
