सुप्रीम कोर्ट ने NCERT की क्लास 8 किताब पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध: CJI सूर्यकांत बोले – ‘यह न्यायपालिका को बदनाम करने का कैलकुलेटेड मूव और गहरी साजिश है’!
सुप्रीम कोर्ट ने NCERT की क्लास 8 किताब पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध: CJI सूर्यकांत बोले – ‘यह न्यायपालिका को बदनाम करने का कैलकुलेटेड मूव और गहरी साजिश है’!
सुप्रीम कोर्ट ने NCERT की कक्षा 8 की सोशल साइंस किताब में शामिल ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ (Corruption in Judiciary) वाले अध्याय पर कड़ा फैसला सुनाया। CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच ने स्वत: संज्ञान (suo motu) मामले की सुनवाई में किताब पर पूर्ण प्रतिबंध (blanket ban) लगा दिया। सभी फिजिकल कॉपीज जब्त करने और डिजिटल वर्जन (PDF) तुरंत हटाने का आदेश दिया गया।
CJI सूर्यकांत ने इसे “कैलकुलेटेड मूव” (calculated move) और “गहरी, सोची-समझी साजिश” (deep-rooted, well-planned conspiracy) करार दिया, जिसका मकसद भारतीय न्यायपालिका की गरिमा और विश्वसनीयता को कमजोर करना है। उन्होंने कहा – “गोली चलाई गई है, न्यायपालिका खून बहा रही है… जिम्मेदारों के सिर कलम होंगे, कोई नहीं बचेगा!”
विवादित अध्याय क्या कहता है?
किताब के चैप्टर “The Role of the Judiciary in Our Society” में न्यायपालिका की चुनौतियों में शामिल किया गया:
विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार (corruption at various levels)
केसों का भारी बैकलॉग (massive backlog)
जजों की कमी, जटिल प्रक्रियाएं और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर
कोर्ट ने कहा कि यह एकतरफा और गलत छवि पेश करता है, खासकर बच्चों के नाजुक दिमाग में संस्था के खिलाफ नकारात्मक धारणा पैदा कर सकता है।
सुनवाई के मुख्य पॉइंट्स:
NCERT का सरेंडर: NCERT ने किताब वापस ली, PDF हटाया और बिना शर्त माफी मांगी। लेकिन CJI ने माफी को नाकाफी बताया – “माफी से काम नहीं चलेगा, जिम्मेदार कौन हैं? नाम बताओ!”
कंटेम्प्ट नोटिस: NCERT डायरेक्टर और स्कूल एजुकेशन सेक्रेटरी को कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट्स एक्ट के तहत शो-कॉज नोटिस जारी।
गहराई से जांच: कोर्ट ने “deeper probe” के आदेश दिए। दो लोगों ने चैप्टर तैयार किया था – केंद्र ने कहा कि उन्हें आगे किसी शिक्षा संबंधी काम में नहीं लिया जाएगा।
CJI की सख्त टिप्पणियां: “यह संस्था को बदनाम करने का योजनाबद्ध प्रयास है… हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।” उन्होंने हाईकोर्ट जजों से आई शिकायतों का भी जिक्र किया।
यह फैसला शिक्षा में निष्पक्षता, संस्थागत गरिमा और न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर मजबूत संदेश है। NCERT अब किताब रिवाइज करेगी, लेकिन कोर्ट ने चेतावनी दी – “ऐसा दोबारा नहीं होगा!” अगली सुनवाई 11 मार्च को संभावित।
