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लखनऊ कांड: जेल जाने से पहले बहन से लिपटकर फूट-फूटकर रोया अक्षत, पुलिस के सामने उगले खौफनाक राज!

लखनऊ कांड: जेल जाने से पहले बहन से लिपटकर फूट-फूटकर रोया अक्षत, पुलिस के सामने उगले खौफनाक राज!

लखनऊ के आशियाना इलाके में पिता की हत्या कर शव के टुकड़े-टुकड़े करके नीले ड्रम में छिपाने वाले 21 वर्षीय अक्षत प्रताप सिंह (उर्फ राजा) को जेल भेजे जाने से पहले एक दिल दहला देने वाला सीन देखने को मिला। आरोपी अक्षत ने पुलिस से गुहार लगाई कि उसे अपनी छोटी बहन कृति से आखिरी बार मिलने दिया जाए। मुलाकात के दौरान वह बहन से लिपटकर फूट-फूटकर रोया और भावुक होकर कई खौफनाक बातें कबूल कीं।

पुलिस पूछताछ और मोबाइल जांच में सामने आए राज बेहद रूह कंपा देने वाले हैं:

हत्या की वजह: NEET की तैयारी पर दबाव, पिता से झगड़ा, घर से चोरी किए गए 50 लाख रुपये (शराब लाइसेंस रिन्यूअल के लिए), और पिता द्वारा थप्पड़ मारने से आक्रोश। 19 फरवरी की रात/20 फरवरी तड़के अक्षत ने लाइसेंसी राइफल से सोते हुए पिता मानवेंद्र सिंह (शराब कारोबारी और पैथोलॉजी लैब मालिक) के सिर में गोली मार दी।

शव का डिस्पोजल: हत्या के बाद शव को तीसरी मंजिल से नीचे लाया, बाथरूम में पेट फाड़ा, मशीन/आरी से टुकड़े किए (हाथ-पैर अलग-अलग जगह फेंके, धड़ नीले ड्रम में केरोसिन डालकर छिपाया)। बहन कृति मौके पर मौजूद थी, लेकिन अक्षत ने उसे धमकाकर चुप रहने को कहा – “किसी को बताया तो तुझे भी मार दूंगा”।

कवर-अप: अक्षत ने खुद पिता की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराई, बहन को 4 दिनों तक कमरे में कैद रखा। हत्या के बाद नॉनवेज खाया और बहन को भी खिलाया। मोबाइल से ऑनलाइन आरी मंगवाई, शव ठिकाने लगाने के प्लान सर्च किए।

जेल से पहले की मुलाकात: जेल भेजे जाने से ठीक पहले अक्षत ने बहन से मिलकर रोते हुए कहा – “मैंने गलती से कर दिया”, “तू अकेली मत रहना” जैसी बातें। बहन पहले से ही सदमे में थी, पिता की मौत के बाद दादी-रिश्तेदारों से लिपटकर रो रही थी।

पुलिस ने अक्षत को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। परिजन और पड़ोसी कह रहे हैं कि अक्षत पर पढ़ाई का ज्यादा दबाव नहीं था, लेकिन वह “रावण फैन” और “ज्वेल थीफ” जैसी फिल्मों से प्रभावित था। परिवार में पहले से तनाव था – पिता ने चोरी पकड़ने पर नजर रखना शुरू किया था।

यह केस उत्तर प्रदेश में पारिवारिक विवाद और युवा अपराध की नई मिसाल बन गया है। जांच जारी है – क्या बहन का कोई रोल था या सिर्फ गवाह? क्या कोई साथी था? सबकी नजरें कोर्ट और पुलिस पर टिकी हैं।

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