धामी कैबिनेट में 28 प्रस्तावों पर लगी मुहर, बजट में 10% की बढ़ोतरी – आगामी वित्तीय वर्ष के लिए मंजूरी, विकास पर फोकस
धामी कैबिनेट में 28 प्रस्तावों पर लगी मुहर, बजट में 10% की बढ़ोतरी – आगामी वित्तीय वर्ष के लिए मंजूरी, विकास पर फोकस
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई मंत्रिमंडल बैठक में कुल 28 प्रस्तावों पर मुहर लग गई है। बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित बजट पर भी सहमति जताई गई, जिसमें पिछले साल के मुकाबले 10% की बढ़ोतरी की गई है। यह बजट राज्य के विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन और रोजगार सृजन पर केंद्रित बताया जा रहा है।
बैठक के मुख्य हाइलाइट्स:
28 प्रस्तावों की मंजूरी: विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों में इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और ग्रामीण विकास से संबंधित फैसले शामिल हैं। हालांकि, विस्तृत लिस्ट अभी आधिकारिक रूप से जारी नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक इनमें कई महत्वपूर्ण योजनाओं को हरी झंडी मिली है।
बजट में 10% बढ़ोतरी: पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) के बजट की तुलना में इस साल के बजट में लगभग 10 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। पिछले साल का बजट करीब ₹1.01 लाख करोड़ के आसपास था, तो इस बार यह ₹1.11 लाख करोड़ (या इससे अधिक) होने की संभावना है। यह बढ़ोतरी राज्य की आर्थिक जरूरतों, महंगाई और विकास योजनाओं को ध्यान में रखकर की गई है।
बजट सत्र की तैयारी: बैठक में आगामी विधानसभा बजट सत्र (फरवरी-मार्च 2026) के लिए भी चर्चा हुई। बजट पेश करने से पहले राज्यपाल के अभिभाषण और अन्य प्रक्रियाओं पर सहमति बनी।
मंत्री सुबोध उनियाल का बयान: बैठक के बाद मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि यह बजट राज्य के विकास को नई गति देगा। फोकस क्षेत्रों में पहाड़ी इलाकों का विकास, पर्यटन, रोजगार और इंफ्रा शामिल हैं।
पृष्ठभूमि:
यह बैठक बजट सत्र से ठीक पहले हुई है, जहां राज्य सरकार विकास परियोजनाओं को तेज करने का लक्ष्य रख रही है।
हाल के महीनों में उत्तराखंड सरकार ने कई बड़े प्रोजेक्ट्स (जैसे जमरानी और सौंग डैम) पर फोकस किया है, जिनमें से कुछ को इस बजट में अतिरिक्त फंड मिल सकता है।
विपक्ष (कांग्रेस और इंडिया गठबंधन) ने पहले से ही बजट में पारदर्शिता और भूमिहीनों/वन ग्रामों के हक की मांग की है, लेकिन सरकार का दावा है कि यह बजट समावेशी और विकासोन्मुखी होगा।
यह फैसला उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बजट सत्र में विस्तृत घोषणाएं होने की उम्मीद है। क्या आपको लगता है कि 10% बढ़ोतरी पर्याप्त है या और ज्यादा फोकस किसी क्षेत्र पर होना चाहिए? कमेंट में बताइए!
