ईरान में खामेनेई के घर के पास भीषण जंग! मुजाहिद्दीन-ए-खल्क (MEK) के 100+ लड़ाके मारे गए
ईरान में खामेनेई के घर के पास भीषण जंग! मुजाहिद्दीन-ए-खल्क (MEK) के 100+ लड़ाके मारे गए – IRGC ने दावा किया ऑपरेशन नाकाम, विपक्षी संगठन ने कहा ‘शहीद हुए’, खामेनेई की मौत की अफवाहें भी
ईरान की राजधानी तेहरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निवास और हेडक्वार्टर्स (मोताहरी कॉम्प्लेक्स, पाश्चर स्ट्रीट के पास) के आसपास सोमवार (23 फरवरी 2026) को भारी झड़पें हुईं। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने पीपुल्स मुजाहिद्दीन ऑर्गनाइजेशन ऑफ ईरान (PMOI/MEK) के 100 से ज्यादा लड़ाकों को मार गिराया या गिरफ्तार किया। MEK (मुजाहिद्दीन-ए-खल्क) ने इसे ‘शहीद’ बताया और कहा कि उनके फाइटरों ने भारी नुकसान पहुंचाया, लेकिन IRGC की भारी फोर्स के सामने वापस लौटना पड़ा।
क्या हुआ घटना?
MEK के कमांड हेडक्वार्टर्स (ईरान के अंदर) ने बताया कि 23 फरवरी की सुबह से दोपहर तक मोताहरी कॉम्प्लेक्स (खामेनेई का मुख्य निवास, उनके बेटे मोजतबा खामेनेई का ऑफिस, सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल, ज्यूडिशियरी, इंटेलिजेंस मिनिस्ट्री आदि) के आसपास भारी क्लैश हुए।
MEK ने दावा किया कि उनके फाइटरों ने सिक्योरिटी सिस्टम (कैमरे आदि) डिसेबल किए और ऑपरेशन चलाया, लेकिन IRGC की प्रोटेक्शन फोर्सेस ने भारी फायरिंग की।
IRGC ने इसे ‘विदेशी इंटेलिजेंस’ (संभावित अमेरिका/इजरायल) से समर्थित ‘इनफिल्ट्रेशन प्लॉट’ बताया और कहा कि ऑपरेशन शुरुआती स्टेज में ही नाकाम कर दिया गया।
MEK ने 100+ फाइटरों के ‘शहीद’ या गिरफ्तार होने की पुष्टि की और नाम जल्द ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशंस को देने का वादा किया।
ईरानी राज्य मीडिया का रिएक्शन:
ईरानी स्टेट मीडिया ने किसी भी क्लैश या हमले की खबर को खारिज किया और कहा कि “ऐसी कोई घटना नहीं हुई”।
लेकिन MEK और एक्साइल्ड सोर्सेज ने इसे ‘खामेनेई पर असासिनेशन प्लॉट’ बताया, जिससे अफवाहें फैलीं कि खामेनेई की मौत हो गई या वे गंभीर हालत में हैं (CCTV और इंटरनेट शटडाउन के दावे भी) – लेकिन कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं।
बैकग्राउंड और संदर्भ:
MEK ईरान सरकार का कट्टर विरोधी संगठन है, जिसे ईरान ‘टेररिस्ट’ मानता है, लेकिन अमेरिका/यूरोप में कुछ जगहों पर इसे सपोर्ट मिलता है।
यह घटना ऐसे समय में हुई जब ईरान में जनवरी 2026 से विरोध प्रदर्शन (प्रोटेस्ट्स) जारी हैं – हजारों मौतें (3,000+ दावे), छात्रों के क्लैश, और US-ट्रंप प्रशासन की ओर से ईरान पर स्ट्राइक की धमकियां।
ट्रंप प्रशासन में ईरान पर लिमिटेड स्ट्राइक या रिजीम चेंज के ऑप्शंस पर चर्चा चल रही है, जिसमें खामेनेई को टारगेट करने का प्लान भी शामिल बताया गया।
यह घटना ईरान में आंतरिक अस्थिरता और बाहरी तनाव को और बढ़ा रही है। MEK ने इसे ‘क्रांतिकारी कदम’ बताया, जबकि IRGC ने ‘साजिश नाकाम’ कहा। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण है – क्या आपको लगता है कि यह ईरान में बड़ा बदलाव लाएगा या सिर्फ अफवाहें हैं? कमेंट में बताइए!
