ईरान छोड़ने की तत्काल एडवाइजरी: भारत ने नागरिकों को ‘किसी भी हालत में’ देश छोड़ने को कहा, अमेरिकी हमले की आशंका बढ़ी
ईरान छोड़ने की तत्काल एडवाइजरी: भारत ने नागरिकों को ‘किसी भी हालत में’ देश छोड़ने को कहा, अमेरिकी हमले की आशंका बढ़ी
तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने 23 फरवरी 2026 को एक नई उत्तरदायी एडवाइजरी जारी की है, जिसमें ईरान में मौजूद सभी भारतीय नागरिकों (छात्र, तीर्थयात्री, व्यापारी, पर्यटक सहित) को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी गई है। दूतावास ने स्पष्ट कहा है कि उपलब्ध किसी भी परिवहन साधन (वाणिज्यिक उड़ानों सहित) का उपयोग करके जल्द से जल्द ईरान छोड़ दें।
एडवाइजरी में मुख्य बातें:
यह एडवाइजरी भारत सरकार द्वारा 5 जनवरी 2026 को जारी की गई पिछली सलाह का सतत रूप है।
बदलते हालात (evolving situation) को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
सभी भारतीय नागरिकों और PIOs (Persons of Indian Origin) से अपील:
प्रदर्शन या प्रदर्शन वाले इलाकों से दूर रहें।
भारतीय दूतावास से संपर्क में रहें।
स्थानीय मीडिया पर नजर रखें।
पासपोर्ट, आईडी और यात्रा दस्तावेज तैयार रखें।
दूतावास ने सहायता के लिए संपर्क करने का आग्रह किया है।
बैकग्राउंड और कारण:
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव चरम पर है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नए न्यूक्लियर डील के लिए 10-15 दिन का अल्टीमेटम दिया था, जिसमें असफल होने पर “गंभीर परिणाम” की चेतावनी दी गई।
अमेरिकी सेना ने मध्य पूर्व में बड़े पैमाने पर नौसैनिक और वायु सेना की तैनाती की है (एयरक्राफ्ट कैरियर, टैंकर आदि), जिससे हमले की तैयारी का संकेत मिल रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी मिलिट्री इस वीकेंड या अगले कुछ दिनों में हमले के लिए तैयार है, हालांकि ट्रंप का अंतिम फैसला अभी बाकी है।
विकल्पों में ईरान के न्यूक्लियर साइट्स, सैन्य ठिकानों, व्यक्तिगत नेताओं को निशाना बनाना और यहां तक कि रिजीम चेंज शामिल बताया जा रहा है।
ईरान में जारी प्रदर्शन (Gen-Z प्रोटेस्ट्स) और इंटरनेट ब्लैकआउट ने स्थिति को और जटिल बनाया है।
ईरान ने अमेरिकी हमले की स्थिति में प्रतिक्रिया देने की तैयारी की है, जिसमें अमेरिकी बेस को टारगेट करने की धमकी दी गई है।
राजनीतिक और क्षेत्रीय प्रभाव:
भारत की यह एडवाइजरी सुरक्षा प्राथमिकता दिखाती है, लेकिन इससे अमेरिकी हमले की आशंका और मजबूत हुई है।
गल्फ देश (अरब सहयोगी) भी युद्ध से डर रहे हैं, क्योंकि ईरानी जवाबी कार्रवाई में उनके इलाके प्रभावित हो सकते हैं।
भारत ने ईरान से संबंध बनाए रखे हैं, लेकिन नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा है।
यह स्थिति तेजी से बदल रही है। भारतीय नागरिकों को दूतावास की वेबसाइट या हेल्पलाइन से अपडेट लेने की सलाह है।
