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बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एक्टिव, 10 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट; तमिलनाडु-केरल में भारी बारिश, मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी

बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर एक्टिव, 10 राज्यों में बारिश-आंधी का अलर्ट; तमिलनाडु-केरल में भारी बारिश, मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज बड़ा अलर्ट जारी किया है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और सटे हिंद महासागर के ऊपर निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय है, जो अगले 24-48 घंटों में और मजबूत हो सकता है। इस सिस्टम के प्रभाव से 10 राज्यों में 21 से 24 फरवरी तक बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना है। खासकर तमिलनाडु और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश का येलो/ऑरेंज अलर्ट जारी है।

IMD के अनुसार, यह लो प्रेशर श्रीलंका की ओर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है, लेकिन इसका असर दक्षिण भारत से लेकर मध्य और पूर्वी हिस्सों तक फैल सकता है। कुछ जगहों पर 40-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

प्रभावित राज्य और अलर्ट:

तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल: 21-22 फरवरी को भारी बारिश (Heavy Rainfall) संभव, कई जिलों में 10+ जिलों (जैसे नागपट्टिनम, तंजावुर, रामनाथपुरम, कन्याकुमारी आदि) में अलर्ट।

केरल और माहे: 21-22 फरवरी को भारी बारिश, 23 फरवरी तक जारी।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक: 21-24 फरवरी तक छिटपुट बारिश और गरज-चमक।

तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तेलंगाना: 23-24 फरवरी को हल्की-मध्यम बारिश।

विदर्भ, छत्तीसगढ़: 23-24 फरवरी को गरज-चमक के साथ बारिश।

गंगा तटीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा: 23-24 फरवरी को छिटपुट बारिश।

अंडमान निकोबार द्वीप: 20-25 फरवरी तक बारिश और तूफानी हवाएं।

अन्य: उत्तराखंड में 22 फरवरी को गरज-चमक, हिमाचल में 23 फरवरी को संभावित।

मुख्य चेतावनी:

मछुआरों के लिए: 21-22 फरवरी को दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, कोमोरिन क्षेत्र, मन्नार की खाड़ी, केरल तट और लक्षद्वीप क्षेत्र में समुद्र में न जाएं। हवाएं 40-60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती हैं।

उत्तर भारत में: तापमान बढ़ रहा है, दिल्ली-NCR, मुंबई आदि में गर्मी बढ़ेगी, लेकिन दक्षिण में ठंडक और बारिश।

कुल प्रभाव: फरवरी में असामान्य बारिश, लोकल फ्लडिंग का खतरा, खासकर तटीय इलाकों में।

IMD ने लोगों से सतर्क रहने, मौसम अपडेट चेक करने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है। यह सिस्टम अगले कुछ दिनों में कमजोर हो सकता है, लेकिन दक्षिण भारत में 26-27 फरवरी तक प्रभाव रह सकता है।

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