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टी20 वर्ल्ड कप बहिष्कार पर बांग्लादेशी कोच का दर्द भरा बयान; पूर्व सलाहकार आसिफ नजरुल पर जमकर हमला

टी20 वर्ल्ड कप बहिष्कार पर बांग्लादेशी कोच का दर्द भरा बयान; पूर्व सलाहकार आसिफ नजरुल पर जमकर हमला

ढाका, 21 फरवरी 2026: टी20 विश्व कप 2026 से बांग्लादेश की टीम के बाहर होने के फैसले पर अब क्रिकेट टीम के सीनियर असिस्टेंट कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन का गुस्सा फूट पड़ा है। उन्होंने पूर्व खेल सलाहकार आसिफ नजरुल पर “सरासर झूठ” बोलने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस फैसले ने खिलाड़ियों के जीवनभर के सपने चकनाचूर कर दिए। कोच ने खुलासा किया कि दो खिलाड़ी तो मेंटली कोमा जैसी स्थिति में चले गए थे – पांच दिनों तक पूरी तरह खोए हुए रहे, और उन्हें मैदान पर वापस लाना बहुत मुश्किल था।

सलाहुद्दीन ने प्रेस से बातचीत में भावुक होकर कहा, “जब कोई लड़का विश्व कप खेलने जाता है, तो वह अपना 27 साल पुराना सपना लेकर जाता है। आप उस सपने को एक सेकंड में तोड़ देते हैं। अगर देश के लिए फैसला है तो खिलाड़ी कुर्बानी दे देंगे, लेकिन पर्सनल लॉस की बात करें तो आपने एक लड़के का सपना पूरी तरह खत्म कर दिया। मुझे पता है कि मेरे दो खिलाड़ी पांच दिनों तक मेंटल कोमा में चले गए थे, पूरी तरह खो गए थे। उन्हें वापस लाना मेरी कोचिंग लाइफ की सबसे बड़ी सफलता है।”

मुख्य विवरण:

बहिष्कार का कारण: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देकर भारत में होने वाले मैचों से हटने का फैसला किया था। ICC ने टीम को टूर्नामेंट से बाहर कर स्कॉटलैंड को जगह दी।

कोच का हमला: सलाहुद्दीन ने आसिफ नजरुल पर U-टर्न लेने और गलत बयान देने का आरोप लगाया। कहा कि नजरुल ने पहले एक बात कही और बाद में पलट गए, जिससे खिलाड़ियों का भरोसा टूटा।

खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति: कोच ने बताया कि फैसले के बाद दो खिलाड़ी इतने सदमे में थे कि वे “मेंटली कोमा” में चले गए – मतलब गहरे डिप्रेशन और शॉक में। पांच दिन बाद ही वे मैदान पर लौट सके और रन बनाए।

कोच का दर्द: “यह सिर्फ टूर्नामेंट से बाहर होना नहीं, बल्कि 27 साल का सपना टूटना है। पैसा छोटी बात है, असली नुकसान खिलाड़ी के सपने का है।”

यह बयान बांग्लादेश क्रिकेट में बड़े विवाद का कारण बन गया है। कई पूर्व खिलाड़ी और फैंस कोच के साथ खड़े हैं, जबकि सरकार और BCB ने सुरक्षा को प्राथमिकता बताई है। टी20 विश्व कप 2026 जारी है, लेकिन बांग्लादेश की अनुपस्थिति पर बहस तेज हो गई है।

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