राहुल गांधी ने माफी से इनकार, ट्रायल फेस करेंगे; भिवंडी कोर्ट में पेशी पूरी, BJP कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर किया विरोध
राहुल गांधी ने माफी से इनकार, ट्रायल फेस करेंगे; भिवंडी कोर्ट में पेशी पूरी, BJP कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाकर किया विरोध
लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज महाराष्ट्र के भिवंडी कोर्ट में 2014 के आरएसएस मानहानि मामले में पेश हुए। कोर्ट में उन्होंने नया बॉन्ड (सुरक्षा बांड) साइन किया और नए जमानतदार (महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमिटी प्रमुख हर्षवर्धन सपकल) पेश किए, क्योंकि पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल का निधन हो चुका है। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि वे माफी नहीं मांगेंगे और मामले में ट्रायल का सामना करेंगे।
यह मामला 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान भिवंडी में राहुल गांधी के बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि “आरएसएस ने महात्मा गांधी की हत्या की थी और आज उनके लोग (बीजेपी) गांधीजी की बात करते हैं।” एक स्थानीय आरएसएस कार्यकर्ता राजेश कुंटे ने इस पर मानहानि का मुकदमा दायर किया था। सुप्रीम कोर्ट ने 2016 में मामले को ट्रायल के लिए आगे बढ़ने की अनुमति दी थी। राहुल गांधी पहले ही माफी मांगने से इनकार कर चुके हैं और ट्रायल में हिस्सा लेने को तैयार हैं।
कोर्ट पेशी के दौरान और राहुल गांधी के मुंबई से भिवंडी जाते समय बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनका विरोध किया। मुंबई के मुलुंड टोल नाके के पास और रास्ते में काले झंडे दिखाए गए, नारे लगाए गए (‘राहुल गांधी हाय हाय’)। बीजेपी ने इसे दिल्ली में इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में युवा कांग्रेस के ‘शर्टलेस’ प्रदर्शन के जवाब में बताया। पुलिस ने सुरक्षा कड़ी रखी और विरोध को नियंत्रित किया।
मुख्य तथ्य:
मामला: 2014 में भिवंडी रैली में आरएसएस पर “महात्मा गांधी की हत्या” का आरोप लगाने से जुड़ा मानहानि केस (IPC की धारा 500 के तहत)।
पिछला जमानतदार: शिवराज पाटिल (निधन दिसंबर 2025 में), इसलिए नया बॉन्ड जरूरी।
कोर्ट कार्रवाई: आज सिर्फ प्रक्रियागत, कोई क्रॉस-एक्जामिनेशन नहीं; ट्रायल जारी रहेगा।
राहुल गांधी का रुख: माफी नहीं, ट्रायल फेस करेंगे – कांग्रेस ने इसे राजनीतिक उत्पीड़न बताया।
विरोध: बीजेपी युवा मोर्चा ने काले झंडे दिखाए, AI समिट प्रोटेस्ट का जवाब बताया।
राहुल गांधी कोर्ट से निकलने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं। यह घटना राजनीतिक तनाव को और बढ़ा रही है, खासकर हाल के AI समिट हंगामे के बाद।
